फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि के उप मंदिरों में पास के जरिये ही होंगे दर्शन

Tue, 13 Jan 2026 08:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
11- श्रीराम जन्मभूमि परिसर की मनमोहक हरियाली- ट्रस्ट
विज्ञापन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के अन्य उप मंदिरों को खोलने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह से सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन मिलने लगेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन उप मंदिरों में दर्शन के लिए पास सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कंप्यूटर आधारित प्रोग्रामिंग तैयार की जा रही है।
विज्ञापन



इस पूरी योजना पर 23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत राम मंदिर परिसर में स्थित सभी 14 उप मंदिरों में सीधे प्रवेश की जगह पास के जरिये दर्शन कराए जाएंगे। यह पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जारी किए जाने की संभावना है। पास में समय और स्थान तय होगा, जिससे एक साथ अधिक भीड़ न जुटे।


23-24 जनवरी को होने वाली राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में दर्शन शुरू कराने पर मंथन किया जाएगा। बैठक में ट्रायल रन की रणनीति व श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े तकनीकी पहलू पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। सभी उप मंदिरों में दर्शन शुरू होने पर एक श्रद्धालु को पूरे परिसर में भ्रमण करने में दो से तीन घंटे लग जाएंगे, ऐसे में भीड़ नियंत्रण के लिए एक बार में कितने श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए, इस पर अंतिम निर्णय होना है।
विज्ञापन






भीड़ नियंत्रण का बन रहा प्लान


- प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रोजाना लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। उप मंदिरों में जगह सीमित होने के कारण अव्यवस्था और सुरक्षा जोखिम हो सकता है। श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना ट्रस्ट की प्राथमिकता है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये डाटा मॉनीटरिंग, स्लॉट मैनेजमेंट और लाइव काउंटिंग की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को भी रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।





गोल्फ कार्ट पर बैठकर कुबेर टीला जा सकेंगे श्रद्धालु


सात पूरक मंदिरों (भगवान शंकर, गणेश, सूर्यदेव, मां दुर्गा, अन्नपूर्णा, हनुमान व शेषावतार लक्ष्मण) और रामायणकालीन सप्तऋषियों (विश्वामित्र, महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, अगस्त्य, निषादराज, शबरी व अहिल्या) के मंदिरों में दर्शन शुरू करने की तैयारी है। मंदिरों के साथ श्रद्धालु अति प्राचीन कुबेर टीले पर भी दर्शन के लिए जा सकेंगे। अभी अति विशिष्टजन को ही इसकी अनुमति है। परिसर में निर्मित परकोटा लगभग आठ सौ मीटर लंबा है। इसी के मध्य छह देवी-देवताओं के मंदिर बने हैं। परकोटे की परिधि के बाहर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सप्तमंडप व शेषावतार मंदिर का निर्माण हुआ है। इसके पश्चिम में कुबेर टीला स्थित है। यदि श्रद्धालुओं को पैदल ही दर्शन व भ्रमण की अनुमति दी जाती है तो अधिक समय लगेगा और उन्हें काफी पैदल चलना पड़ेगा। इसी कारण ट्रस्ट ने गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें