अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में रामलला व राम दरबार का दर्शन करने श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। हालांकि परिसर में बने अन्य उप मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। परिसर में परकोटा के अंदर छह मंदिर व सप्त मंडपम में सात ऋषियों-महर्षियों के मंदिर बने हैं। इन्हें अभी श्रद्धालुओं के लिए खोला नहीं गया है। राम मंदिर ट्रस्ट बरसात के बाद इन मंदिरों को खोलने की तैयारी कर रहा है।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि परकोटा के मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियां तो स्थापित कर दी गई हैं लेकिन परकोटा का निर्माण अभी अधूरा है। इसी तरह सप्त मंडपम के मंदिरों में भी ऋषि-महर्षियों की मूर्तियां स्थापित कर दी गई है, लेकिन यहां भी अभी फिनिशिंग का काम चल रहा है। परकोटा निर्माण के चलते परिसर के आसपास बड़ी मात्रा में पत्थरों की खेप पड़ी हुई है, जिन्हें हटाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
ऐसे में जल्दबाजी में इन मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोलना हितकर नहीं होगा। राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि परकोटा के छह व सप्त मंडपम के सात मंदिरों में पूजन-अर्चन रोज हाे रहा है। अभी इन मंदिरों में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को दो महीने का इंतजार करना पड़ेगा। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह से यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने की तैयारी है।
वहीं, परकोटा के निर्माण का काम अक्तूबर के अंत तक पूरा होगा। मंदिर परिसर के दक्षिणी दिशा में प्रवेश द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। अब तक 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसी तरह परिसर के चारों ओर बनने वाली दीवार की ड्राइंग व डिजाइन तैयार की जा रही है। दक्षिण दिशा में ही ट्रस्ट कार्यालय व विश्रामालय के लिए नींव खोदाई का काम पूरा किया जा चुका है।