भेलसर। कार सवार बदमाशों ने नुकीले हथियार से नैपुरा के सड़री निवासी डेयरी संचालक राघवेंद्र यादव (35) की हत्या कर दी। साथ में जा रहे उनके छोटे भाई अरविंद पर भी हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना शुक्रवार रात लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर रुदौली के मखवापुर के पास हुई। पुलिस ने नामजद आरोपी को हिरासत में लिया है।
सड़री निवासी राघवेंद्र यादव (35) ने छह माह पूर्व मवई में डेयरी की दुकान खोली थी। वहां सफलता न मिलने पर दो माह पूर्व उन्होंने रुदौली नगर में दरगाह रोड पर किराये की दुकान में डेयरी खोली। शुक्रवार की रात लगभग 11 बजे डेयरी बंद करके राघवेंद्र यादव अपने छोटे भाई अरविंद यादव के साथ अलग-अलग दो बाइक से घर जा रहे थे। लखनऊ हाईवे पर मखवापुर स्थित एक ढाबे के पास पहुंचे तो पहले से खड़ी सफेद रंग की कार से तीन बदमाश उतरे और अरविंद को रोककर उनकी कमर पर नुकीले हथियार से वार कर दिया।
घटना देख आगे जा रहे राघवेंद्र ने बाइक रोकी तो एक हमलावर ने उनकी तरफ इशारा किया। इसके बाद सभी लोग उन पर टूट पड़े। उनके गले पर नुकीले हथियार से कई वार किए गए और भाग निकले। लहूलुहान अवस्था में राघवेंद्र 100 मीटर दूर स्थित एक ढाबे पर जाकर गिर गए। स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस व परिजनों को घटना की जानकारी दी। इंस्पेक्टर रुदौली संजय मौर्य, भेलसर चौकी प्रभारी मनीष चतुर्वेदी मौके पर आए और दोनों को सीएचसी रुदौली भिजवाया।
सीएचसी में डॉ. रवींद्र शुक्ला ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को ट्राॅमा सेंटर दर्शनगर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान राघवेंद्र की मौत हो गई। अरविंद का अभी इलाज चल रहा है। एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने बताया कि मृतक के भाई ने गांव के ही राम उजागिर के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। आरोप है कि पुरानी रंजिश में राम उजागिर ने राघवेंद्र की हत्या कराई है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
मृतक राघवेंद्र की पत्नी राम दुलारी ने बताया कि पास में गांव के एक व्यक्ति ने पहले से ही दूध डेयरी खोल रखी थी। राघवेंद्र ने डेयरी खोली तो गांव के एक व्यक्ति से कहासुनी हुई थी। इस बारे में उन्होंने घरवालों को बताया था। इस विवाद को भी हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में अंतिम संस्कार किया गया। घटनास्थल से लेकर गांव तक पुलिस बल तैनात रहा। विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य संकलित किए व नमूने इकट्ठा किए। रुदौली इंस्पेक्टर संजय मौर्य ने बताया कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर भी स्थानीय लोग व जन प्रतिनिधियों का जमावड़ा रहा।
रात 10:45 बजे फोन करके राम दुलारी को बुलाया गया। घटना की जानकारी होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बदहवास पत्नी व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो दोनों भाइयों को वहां से सीएचसी रुदौली भेजा जा चुका था। सीएचसी में पत्नी ने पति व देवर की हालत देखी तो रोने लगीं। मृतक राघवेंद्र के दो बेटा-दो बेटी है। इनमें बब्बी (15), रूबी (13), विपिन (11), और सचिन (10) शामिल हैं। अब इनके सिर से पिता का साया छिन गया है।