मिल्कीपुर। श्रीराम जन्मभूमि सुरक्षा क्षेत्र में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 63वीं बटालियन के हवलदार महेंद्र प्रताप यादव (43) का बुधवार रात लखनऊ के कमांड अस्पताल में निधन हो गया। वह करीब डेढ़ माह से अस्पताल में भर्ती थे। बुधवार रात करीब 11:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
बृहस्पतिवार को उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर पैतृक गांव मवई खुर्द पूरे कटरा लाया गया। यहां सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें सलामी दी और तिरंगा उनकी पत्नी सुनीता को सौंपा। तिरंगा लेते समय पत्नी फफक पड़ीं। इससे वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के बाहर बाग में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे प्रियांशु ने मुखाग्नि दी।
सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट चंद्रसेन चौधरी, एसआई पुष्पेंद्र कुमार और रविंद्र कुमार ने श्रद्धांजलि दी। एसडीएम मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी पीयूष और इनायतनगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह भी मौजूद रहे। मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान और पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। महेंद्र प्रताप यादव तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी सुनीता और पुत्र प्रियांशु हैं।