अयोध्या। दुबई में ट्रक ड्राइवर का काम करने वाले शमीम के पासपोर्ट के नवीनीकरण की अनुमति कोर्ट ने शर्तों के साथ दे दी है।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट दीपक यादव ने पारित किया है।
मोहम्मद शमीम की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया कि वह दुबई में एक ट्रक ड्राइवर का काम करता है। विदेश मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। आवेदक ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन का भी उल्लेख किया जिसमें आपराधिक मामले लंबित होने पर भी पासपोर्ट जारी करने के नियम बताए गए हैं। यह अधिसूचना उन आवेदकों को पासपोर्ट जारी करने का प्रावधान करती है जिनके विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही लंबित है। प्रार्थना पत्र में तर्क दिया गया कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और लंबित मुकदमा पारिवारिक विवाद का परिणाम है। उच्चतम न्यायालय के फैसलों और विदेश मंत्रालय की अधिसूचनाओं का हवाला देते हुए आपराधिक मामले लंबित होने पर भी पासपोर्ट जारी या नवीनीकृत करने की अनुमति प्रदान किए जाने की मांग की गई।
न्यायालय ने मोहम्मद शमीम के पासपोर्ट नवीनीकरण के प्रार्थनापत्र को सशर्त स्वीकार करने का आदेश पारित किया। आदेश में कहा कि याची को दो लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने के साथ ही न्यायालय की ओर से तलब किए जाने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। जरूरत पड़ने पर न्यायालय के आदेश पर मूल पासपोर्ट भी दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।