अयोध्या। रामनगरी की तीर्थ यात्रा को और अधिक व्यवस्थित व सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल जिला प्रशासन ने की है। टेढ़ी बाजार से अशर्फी भवन तक 2.5 किलोमीटर लंबा एक विशेष कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। यह कॉरिडोर श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है, बस मंजूरी का इंतजार है।
इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल स्थानीय यातायात को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा, बल्कि रामलला के दर्शनार्थियों को भी निर्बाध व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में रामपथ, भक्तिपथ, जन्मभूमि पथ पहले ही तीर्थ मार्गों को सुदृढ़ बना रहे हैं। अब यह नया प्रस्ताव एक सुरक्षित तीर्थ मार्ग की भूमिका निभाएगा। रामकोट इलाके को इस कॉरिडोर के जरिये भीड़ व जाम से मुक्त करने का प्रयास है। इस प्रस्ताव के तहत टेढ़ी बाजार से कटरा, अशर्फी भवन होते हुए डाकखाना तिराहे तक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। कॉरिडोर की लंबाई ढाई किलोमीटर और चौड़ाई सात मीटर होगी।
पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता एसपी भारती ने बताया कि रामनगरी में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। भीड़ को नियंत्रित व व्यवस्थित करने में प्रस्तावित कॉरिडोर अहम भूमिका निभाएगा। प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, मंजूरी का इंतजार है।