अयोध्या। पेड़ की लकड़ी काटने के विवाद में जानलेवा हमला करने के दोषी सुनील मौर्या को अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम रवि कुमार गुप्ता ने तीन साल तीन माह के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 2,300 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला सात साल पुराना है।
अभियोजन के अनुसार, 19 अक्तूबर 2019 को सुबह करीब 8:30 बजे इनायतनगर के डोभियारा गांव में पेड़ की लकड़ी काटने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि गोविंद के दरवाजे पर शिव सहाय, अभिमन्यु, नेहा, क्रांति और सुनील ने लाठी-डंडे और फावड़े से हमला कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गोविंद की तहरीर पर पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनील मौर्या को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए तीन साल के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मारपीट के मामले में उसे तीन माह का कारावास और 300 रुपये जुर्माना लगाया गया।
वहीं, शिव सहाय, अभिमन्यु, नेहा और क्रांति को मारपीट का दोषी पाया गया। अदालत ने चारों को एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में सदाचरण बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रत्येक पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि पीड़ित को दिए जाने के निर्देश हैं।