अयोध्या। जीएसटी की दरों में हुए बदलाव को लेकर राज्य कर भवन सभागार में मंगलवार को विशेष सत्र का आयोजन हुआ। इसमें संयुक्त आयुक्त चंद्रशेखर और उपायुक्त राम आशीष पांडेय ने बताया कि 28% जीएसटी दर समाप्त करके अधिकांशतः 18% के टैक्स स्लैब में शामिल करने से उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ पहुंचेगा।
दैनिक उपभोग की किराना वस्तुओं पर जीएसटी की दर 5% के कर स्लैब में शामिल की गई। कपड़े और जूतों पर 12% के स्थान पर 5% की कर दर निर्धारित है। जीवन बीमा क्षेत्र को 18% से सीधे करमुक्त करने से आमजन की बीमा योजनाओं पर पड़ रहे कर के दबाव को समाप्त कर दिया गया है। इससे बीमा के प्रीमियम में भारी कमी आएगी। इसी प्रकार दवाएं 12% से सीधे 5% में शामिल करने व जीवन रक्षक दवाओं को करमुक्त करने से आमजन के स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में भारी गिरावट आएगी। शिक्षा क्षेत्र में स्टेशनरी गुड्स की कई वस्तुओं को करमुक्त या 5% की न्यूनतम दर में शामिल करने से शिक्षा पर हो रहे खर्चों में भी गिरावट आएगी।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित शंका समाधान सत्र में बताया गया कि जिन वस्तुओं पर जीएसटी दर कम हुई है, उन पर पूर्व में अर्जित आईटीसी का लाभ व्यापारियों को कर देयता के सापेक्ष मिलेगा। जिन वस्तुओं को करमुक्त घोषित कर दिया गया है, उनमें पूर्व में अर्जित आईटीसी का रिवर्सल अनिवार्य रूप से करना होगा। व्यापार अधिकार मंच के संयोजक सुशील जायसवाल, भट्टा संघ के प्रदेश अध्यक्ष अतुल सिंह, व्यापारी नेता चंद्र प्रकाश गुप्ता, नीरज जायसवाल आदि ने जीएसटी में हुए बदलावों के लिए सरकार की प्रशंसा की। इस मौके पर अपर आयुक्त ग्रेड-1 संतोष कुमार, अपर आयुक्त ग्रेड-2 संजय कुमार पाठक, अमित मोहन आदि मौजूद रहे।