अयोध्या। अशफाक उल्ला खां मेमोरियल शहीद शोध संस्थान ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद मौलवी अहमद उल्ला शाह का शहादत दिवस मनाया। सिविल लाइंस स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित गोष्ठी में चौक सब्जी मंडी में प्रस्तावित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स व पार्किंग स्थल का नामकरण मौलवी अहमद उल्ला शाह के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
वयोवृद्ध समाजसेवी मिर्जा सादिक हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने कहा कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मौलवी अहमद उल्ला शाह का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। मौलवी को लेकर अंग्रेजों में दहशत थी। इसके फलस्वरूप उन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उनकी शहादत के जिम्मेदारों की संपत्ति जब्त करके शहीद परिवारों में वितरित की जानी चाहिए।
प्रो. विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज विश्व व्यापी संकट का दौर है। पूरी दुनिया चरमपंथियों और अलगाववादी नेताओं के हाथ में हैं। वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण प्रताप सिंह ने कहा कि सांप्रदायिक हाथों से मौलवी साहब को श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती है। उन्होंने देश को एकजुटता का संदेश दिया था और आजाद फैजाबाद की हुकूमत हिंदू राजा को सौंपी थी। गोष्ठी में सुरेश यादव, जफर इकबाल, अली सईद खान, दान बहादुर सिंह, विकास सोनकर, अब्दुल रहमान, राजेंद्र यादव, सत्यभान सिंह, विकास पांडेय, ऋषि ओम पांडेय, निहालुद्दीन व मनीष पांडेय मौजूद थे।