अयोध्या। जून में सूरज के तेवर भले ही तल्ख हुए हों, लेकिन गतवर्ष की तुलना में इस बार मई तक काफी राहत रही। बिजली निगम के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इसके अनुसार अप्रैल और मई में पिछले वर्ष से लगभग 27 लाख यूनिट बिजली कम खर्च हुई है।
पिछले वर्ष शुरुआत से ही प्रचंड गर्मी शुरू हो गई थी। अप्रैल और मई में ही सारे इंतजाम ध्वस्त हो रहे थे। वहीं, बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लाने में बिजली निगम के पसीने छूट गए। इस बार लेकिन ऐसा नहीं है। शुरू से ही सूर्यदेव मेहरबान दिखे। इसी का असर रहा कि तीन माह तक गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिला है। इससे बिजली निगम ने भी राहत महसूस की है।
गतवर्ष अप्रैल में जिले के चार डिवीजन में 113 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई थी। इस बार यह आंकड़ा घटकर 102 लाख यूनिट तक पहुंच गया। मई, 2024 में यह संख्या 152 लाख यूनिट तक थी, जो कि इस बार 136 लाख यूनिट पहुंच गई है। इस तरह दोनों महीनों की तुलना में गतवर्ष से लगभग 27 लाख यूनिट बिजली कम खर्च हुई है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली। साथ ही सुगम बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने में बिजली निगम भी सफल रहा। हालांकि जून में यह संख्या बढ़ने लगी है।
अधिशासी अभियंता परीक्षण अमर सिंह ने बताया कि जून में गर्मी बढ़ने पर थोड़ी डिमांड बढ़ी है, लेकिन काफी रुपये खर्च करके कराए गए विकास कार्यों का असर है कि अब तक राहत है।