भेलसर। सीएचसी रुदौली अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन रिजवी के सुरक्षा कारणों से अवकाश पर जाने के बाद अस्पताल की ज्यादातर व्यवस्थाएं ठप हो गई हैं। ऑपरेशन थियेटर में सन्नाटा पसरा है। मरीजों को वापस भेजा जा रहा है या उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान का कहना है कि बृहस्पतिवार से सिजेरियन प्रसव शुरू करा दिया जाएगा। वह स्वयं सीएचसी में उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
प्रसव पीड़ित महिलाओं को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में सिजेरियन प्रसव सेवाएं रुकने से गरीब परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसान नेता मुन्ना पांडेय, मो. अफजल व विनोद कुमार लोधी का कहना है कि अधीक्षक को सुरक्षा मुहैया कराना चाहिए ताकि सेवाएं सुचारु हो सके। सरकारी अस्पताल में सेवाएं ठप होने का सीधा फायदा प्राइवेट अस्पतालों को मिल रहा है। रुदौली और आसपास के निजी नर्सिंग होम में प्रसव के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कई मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन्हें मजबूरन 15 से 20 हजार रुपये तक का खर्च उठाना पड़ा, जबकि सीएचसी में यह सुविधा मुफ्त में मिलती थी।