मिल्कीपुर। एक महिला की शिकायत पर न्यायालय ने उसके पति के हत्यारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी उस पर रिपोर्ट वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बना रहे थे। आरोपियों ने उसके घर में घुसकर लूटपाट और जानलेवा हमला भी किया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
इनायतनगरक्षेत्र की कुसुम दूबे ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय फैजाबाद को प्रार्थना पत्र दिया। उनके पति उमाशंकर दुबे की वर्ष 2009 में हत्या हुई थी, जिसमें संजय सिंह आरोपी है। यह प्रकरण सुनवाई के अंतिम दौर में है। आरोपी संजय सिंह, राजेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू और शुभम सिंह लगातार कुसुम पर सुलह का दबाव बना रहे थे। परिवार के मना करने पर 16 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे वे तीन अज्ञात लोगों के साथ घर में घुस आए। आरोपियों ने अवैध असलहों से लैस होकर कुसुम और परिवारजनों को मारा-पीटा, लूटपाट की और फायरिंग भी की। संजय सिंह ने बंदूक के बट से कुसुम के सिर पर प्रहार किया, जिससे वह घायल हो गईं।
पुलिस की निष्क्रियता और न्यायालय का हस्तक्षेप
विपक्षी लोगों ने धमकी दी कि समझौता न करने पर उन्हें जान से मार दिया जाएगा। घटना के बाद कुसुम के सुरक्षा गार्ड ने डायल 112 पर सूचना दी, और 17 फरवरी को इनायतनगर थाना पुलिस को लिखित सूचना दी गई। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद कुसुम ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।