अयोध्या। राममंदिर में रामलला बाल स्वरूप में विराजमान हैं। वे राजा दशरथ के पुत्र हैं इसलिए एक राजकुमार की तरह ही राजोपासना पद्धति से उनकी राग-भोग व सेवा की जाती है। रामलला के पास इस समय करीब 15 करोड़ से अधिक कीमत के आभूषण हैं। साथ ही करीब पांच हजार वस्त्र हैं। कई वस्त्र रत्नजड़ित हैं। इन आभूषणों को जिस तिजोरी में रखा जाता है उसकी रक्षा के लिए राममंदिर ट्रस्ट की ओर से एक अंगरक्षक की तैनाती की गई है।
राममंदिर के एक पुजारी ने बताया कि जिस तरह एक राजकुमार की सेवा की जाती है, उसी तरह सुबह जगने से लेकर रात शयन करने तक रामलला की सेवा की जाती है। रामलला हर रोज नए वस्त्र धारण करते हैं। इस समय रामलला के पास करीब पांच हजार वस्त्र हैं। उन्हें दिन के हिसाब से अलग-अलग रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं। मौसम के अनुसार भी वस्त्र बदलते रहते हैं। विशेष अवसरों के लिए रत्न जड़ित पोशाक तैयार कराए गए हैं। सोने-चांदी की छपाई वाले वस्त्र भी रामलला के पास हैं। साथ ही बालक राम सहित उत्सव मूर्ति के रूप में विराजमान रामलला समेत चारों भाईयों के लिए सोने के मुकुट, हार, कड़ा, करधन, अंगूठी, चौबंदी, माला समेत कई तरह के आभूषण हैं।
आभूषण रखने के लिए बनाए गए हैं दो लॉकर
रामलला के आभूषण, वस्त्र व प्रसाद के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार पर सीढि़यों के बगल चार कमरे बने हैं। इनमें दो लॉकर भी बनाए गए है जिसमें रामलला के आभूषण रखे जाते हैं। साथ ही एक कमरे में रामलला के वस्त्र व अन्य पूजन सामग्री रखी जाती है। एक कमरे में रामलला का प्रसाद रखा जाता है। रामलला के आभूषणों की सुरक्षा के लिए एक गनर की तैनाती की गई है। लॉकर व कमरों की एक चाबी ट्रस्ट के पास रहती है एक चाबी मुख्य पुजारी के पास होती है।