अयोध्या। पूराकलंदर के पगलाभारी में हुए विस्फोट के बाद निगरानी में लापरवाही पर बीट दरोगा पवन मौर्या और सिपाही नवीन कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी की इस कार्रवाई से हलचल तेज हुई है। वहीं, पुलिस ने पटाखों की वजह से दूसरा धमाका होने की मौन सहमति दी है। हालांकि, फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही अधिकृत जानकारी देने का दावा किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को पूराकलंदर क्षेत्र के कल्याण भदरसा के मजरे पगलाभारी में रामकुमार गुप्ता के मकान में तेज विस्फाेट हुआ था। इसमें रामकुमार, उसकी साली वंदना, उसके तीन बच्चे और बीकापुर के लुत्फाबाद बछौली निवासी मजदूर राम सजीवन निषाद की मौत हो गई थी।
उसी रात 11:10 बजे दूसरा धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आकर बचाव कार्य में जुटे लेखपाल आकाश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पहले तो पुलिस सिलिंडर से विस्फोट का दावा कर रही थी, लेकिन रात में हुए दूसरे धमाके ने पुलिस को थ्योरी बदलने पर मजबूर कर दिया।
रामकुमार का अतीत जानने वाले ग्रामीण भी यह थ्योरी स्वीकारने को तैयार नहीं थे। उनका मानना है कि रामकुमार लंबे समय से पटाखे बनाने और बेचने का कारोबार करता था। गांव से बाहर मकान बनाने के बाद से वह बड़े पैमाने यह धंधा करने लगा था।
सूत्रों के अनुसार पहला विस्फोट किचन में हुआ है, जिसकी वजह से गैस सिलिंडर से विस्फोट के दावे अब भी किए जा रहे हैं। मौके से क्षतिग्रस्त कुकर, सिलिंडर के अवशेष आदि मिले हैं। हालांकि, यह विस्फोट गैस रिसाव के बाद शुरू हुआ या पटाखों की वजह से गैस सिलिंडर में विस्फोट हुआ, लैब की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा।