अयोध्या। रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भीड़ के सकारात्मक व नकारात्मक दोनों पहलू सामने आ रहे हैं। सकारात्मक पहलू यह है कि रामनगरी की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिल रहा है, पर्यटन बढ़ा है। दूसरा पहलू यह है कि अयोध्या धाम के सैकड़ों व्यापारियों के व्यापार पर ग्रहण लग गया है। ग्रहण इसलिए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रामपथ पर बैरिकेडिंग की गई है, यह बैरिकेडिंग आजीविका पर भी संकट खड़ा कर रही है। 100 से अधिक दुकानें मौनी अमावस्या से बंद पड़ी हैं।
प्रशासन ने टेढ़ी बाजार से लता चौक तक रामपथ पर बैरिकेडिंग कर इसे दो हिस्सों में बांट दिया है। पूरब से पश्चिम जाना संभव नहीं, न ही पश्चिम से पूरब जाना। रामपथ से जुड़ने वाली गलियों में बैरियर लगाए गए हैं। लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। बीमार होने की स्थिति में रामपथ पर स्थित श्रीराम अस्पताल पहुंचना टेढी खीर से कम नहीं। वहीं बैरिकेडिंग के चलते हनुमानगढ़ी के सिंहद्वार व कपिलगंज की बाजार पिछले 29 जनवरी से ही बंद पड़ी है। इन बाजारों के प्रवेश व निकासी मार्ग पर बैरिकेडिंग के चलते श्रद्धालु यहां तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। दुकानदारों का भी दुकान तक पहुंचना मुश्किल है, जिससे यहां दुकानों पर ताला लग गया है। यही हाल अमावा मंदिर के पास स्थित हरिश्चंद्र मार्केट का है, यहां भी 50 से अधिक दुकानें हैं, जहां श्रद्धालु बैरिकेडिंग व डायवर्जन के चलते नहीं पहुंच पा रहे हैं। इन क्षेत्रों में व्यापार पर ग्रहण लग गया है।
व्यापारी रामनवमी गुप्ता ने बताया कि मौनी अमावस्या से ही दुकान में ताला लगा है। रामपथ पर बैरिकेडिंग है, हनुमानगढ़ी की ओर भी बैरिकेडिंग की गई है, दुकान तक पहुंच पाएंगे तभी तो दुकान खुलेगी। रात में नौ बजे के बाद कुछ राहत मिल जाती है तो दुकान खोलते हैं, लेकिन श्रद्धालु दुकान तक आ नहीं पाते, व्यापार पर ग्रहण लग गया है।
हनुमान सैनी कहते हैं कि रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। पिछले एक माह से दुकान में ताला लगा है। बैरिकेडिंग ने आजीविका पर भी बैरिकेडिंग कर दी है। अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि कोई सुनने वाला नहीं है। बैरिकेडिंग पार कर दुकान खोलते हैं, तो पुलिस डंडा मारती है। दुकानदारी बिल्कुल चौपट हो गई है।
सिंहद्वार के व्यापारी राजेश बताते हैं कि दुकान तक श्रद्धालु नहीं आ पा रहे हैं। 25-26 दिन से दुकान बंद है। अब हनुमानगढ़ी दर्शनमार्ग के पास खड़े होकर कुछ सामान बेच लेते हैं जिससे घर का खर्चा चल सके। महाकुंभ तो हमारे लिए खराब साबित हो रहा है। श्रद्धालुओं को सुविधा अच्छी बात है, लेकिन स्थानीय लोगों की भी चिंता होनी चाहिए।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि कपिलगंज बाजार की 26, सिंह द्वार की 15 दुकान 24 दिन से बंद हैं। वहां के व्यापारी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। प्रशासन का रवैया अन्यायपूर्ण है। इसको लेकर प्रशासन से कई बार बात हो चुकी है, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही है। जल्द ही कुछ समाधान न निकला तो व्यापारियों की बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
समाजवादी व्यापार सभा के नंद कुमार गुप्ता ने कहा कि कपिलगंज, सिंहद्वार व हरिश्चंद्र मार्केट की 100 से अधिक दुकानों पर एक माह से ताला लगा हुआ है। प्रशासन की नीतियां व्यापारियों पर भारी पड़ रही है। लोग दुकान तक पहुंच नहीं पा रहे हैं, खरीदारी तो दूर की बात है। कई परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का धैर्य अब जवाब देने वाला है।