अमानीगंज मिल्कीपुर। एसडीएम मिल्कीपुर की ओर से अधिवक्ताओं के ज्ञापन को नौटंकी बताए जाने के बाद आक्रोशित अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम के कोर्ट के बहिष्कार का भी निर्णय लिया।
अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को देने के लिए बार अध्यक्ष रमेश पांडेय सहित अन्य अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी को कई बार फोन लगाया। फोन न उठने पर अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम के आते ही अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए उनके कार्यालय के सामने पहुंच गए। लगभग 10 मिनट तक नारेबाजी चलती रही। इसके बाद एसडीम अधिवक्ताओं से वार्ता को तैयार हुए अधिवक्ताओं ने एसडीएम से फोन न उठने का कारण पूछा तो उन्होंने अधिवक्ताओं के ज्ञापन को नौटंकी कह दिया। नौटंकी कहते हैं अधिवक्ता आग बबूला हो गए और पूरी तहसील के अधिवक्ता आक्रोशित होकर तहसील प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।
अधिवक्ताओं के प्रदर्शन व नारेबाजी को देखकर तहसील कार्यालय के दरवाजे बंद कर दिए गए। एसडीएम अपनी गाड़ी में बैठकर तहसील से बाहर जाने लगे तो अधिवक्ताओं ने शोर मचाया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पांडे ने बताया कि जब तक एसडीम अधिवक्ताओं से माफी नहीं मांगेंगे, उनके कोर्ट का बहिष्कार होगा। इस संबंध में अधिवक्ता शनिवार को बैठक भी करेंगे।
मामले को लेकर उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर राजीव रतन सिंह का कहना है कि होम्योपैथिक के एक कैंप में होने के कारण अधिवक्ताओं का फोन नहीं उठा था। 10 मिनट बाद ही वह तहसील पहुंच गए थे, उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा था कि जिंदाबाद मुर्दाबाद जैसी नौटंकियों की क्या जरूरत है ज्ञापन देना है तो फिर से दे सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष विश्वनाथ मिश्र, मंत्री सूर्यनारायण दुबे, पूर्व अध्यक्ष शिवराज तिवारी, पूर्व उपाध्यक्ष अमित मिश्रा, शंभू नाथ त्रिपाठी, संदीप शुक्ला, राम केवल मिश्रा, अमरजीत सिंह, भगवान तिवारी, अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद रहे।