अयोध्या। युवक की नृशंस हत्या करके धड़ को सिर से अलग कर जलाने के मामले में आरोपी जमाल अख्तर को जमानत नहीं मिल सकी है। प्रभारी अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जनार्दन प्रसाद यादव ने अपराध की गंभीरता व जमानत का कोई पर्याप्त आधार न पाते हुए यह आदेश पारित किया है।
अभियोजन के अनुसार 20 दिसंबर 2025 को थाना पटरंगा क्षेत्र में सिर धड़ से अलग व अधजली हालत में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पोस्टमार्टम के बाद उसके पास से मिली घड़ी, अधजली जैकेट व फोटो से मृतक की पहचान तारिक के रूप में की गई। बाराबंकी जिले के थाना टिकैत नगर क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी शाह आलम ने तहरीर दिया कि 19 दिसंबर की रात 2:30 बजे तारिक को जमाल अख्तर के साथ जाते हुए देखा गया।
विवेचना के दौरान अब्दुल व जमाल अख्तर का नाम प्रकाश में आया, जिनकी दो दिन बाद दरियाबाद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तारी की गई। आरोपियों की निशादेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। आरोपी ने जमानत अर्जी में तर्क दिया कि वह निर्दोष है। रंजिश में उसे झूठा फंसाया गया है।