अयोध्या। शहर के खीरगली में पकड़ा गया जिस्म का काला कारोबार कोई नया नहीं है। इससे पहले भी जिस्मफरोशी के धंधे से अयोध्या शर्मसार होती रही है। इसके बावजूद इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ठोस पहल नहीं की, जिससे उसकी भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
आदिकाल से अयोध्या धर्म की नगरी के रूप में विश्व पटल पर विख्यात है। फिर भी कुछ धन लोभी अनेक कुकृत्यों से इसकी गरिमा तार-तार करने से नहीं चूकते हैं। इसके पीछे पुलिस भी उदासीनता बरतती है। पिछले सभी मामलों पर गौर करें तो लंबे समय से चल रहे इस धंधे की भनक पुलिस को स्वत: नहीं लगी। कभी स्वयंसेवी संस्थाओं ने पहल की तो कभी स्थानीय लोग आजिज आकर सड़क पर उतरे। पुलिस की उदासीनता का ही नतीजा रहा कि गणेश अग्रवाल जैसे लोग धर्म-कर्म की इस नगरी में कुकृत्य करवाते रहे। हालांकि, पुलिस अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
तुलसी उद्यान के पास पकड़ा गया था सेक्स रैकेट
दो नवंबर, 2017 को अयोध्या धाम के तुलसी उद्यान के पास स्थित कृष्णा गेस्ट हाउस में तत्कालीन सीओ अयोध्या राजू कुमार साव ने छापा मारा था। उस दौरान गेस्ट हाउस के अलग-अलग कमरों से पांच युवक और चार युवतियां आपत्तिजनक हालात में गिरफ्तार हुए थे। इनमें गेस्ट हाउस के मालिक का बेटा भी शामिल था। नया घाट क्षेत्र में हुए इस खुलासे से स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे।
सरस्वतीपुरम स्थित मकान में पकड़ा गया था रैकेट
18 मार्च, 2021 को देवकाली क्षेत्र के सरस्वतीपुरम स्थित एक मकान में सेक्स रैकेट का पकड़ा गया था। एनजीओ फ्रीडम फर्म की सूचना पर मकान में छापा मारा गया तो चार महिलाएं और पांच पुरुष गिरफ्तार हुए। इनमें मकान स्वामिनी भी शामिल थी। मौके से कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं।
कौशलपुरी में किराये के कमरे में हो रहा था देह व्यापार
17 दिसंबर, 2023 को शहर के कौशलपुरी कॉलोनी में एक किराये के मकान में स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारा। मौके पर गिरफ्तार महिला और पुरुष नशे में धुत थे। पूछताछ में पता चला कि देह व्यापार करने वाले गिरोह की सरगना देवकाली के सरस्वतीपुरम कॉलोनी में रहती है। पुलिस ने वहां भी छापा मारा तो तीन महिला और तीन पुरुष और गिरफ्तार हुए।
एसएसपी डॉ. डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि हर तरह से संचालित अवैध धंधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी का नतीजा रहा कि इस गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया है। भविष्य में इन पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।