श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी प्रकरण की कहानी राम मंदिर परिसर के यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) के भूतल स्थित कक्ष संख्या-16 से जुड़ती है। विवेचना में इसी कक्ष को घटनास्थल के रूप में दर्ज किया गया है। वादी की निशानदेही पर विवेचक ने कक्ष का निरीक्षण भी किया। इसी गणना कक्ष में दान और चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान उसे हटाने का आरोप है।
विवेचना के दौरान नामजद आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस दस्तावेज के अनुसार, अनुकल्प मिश्र समेत छह आरोपियों ने अपने बयानों में बताया कि गणना कक्ष से रकम हटाने के बाद सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पकड़े जाने पर उनके पास बची रकम, विदेशी मुद्रा और आभूषण ट्रस्ट को सौंप दिए गए थे। इन्हें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, गोपाल और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में सुपुर्द किया गया था और एक सहमति पत्र तैयार कर पीएफसी भवन स्थित ट्रस्ट के लॉकर कक्ष में रखा गया था।
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इसके बाद विवेचना में पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इसी लॉकर से रकम और अन्य सामान बरामद किया। छह आरोपियों की निशानदेही पर 78.85 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने का उल्लेख है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा और आभूषण भी बरामद किए गए।
सुभाष श्रीवास्तव का बयान: मिला पैसा खर्च हो गया
गणना की निगरानी करने वाले सेवानिवृत्त बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव के संबंध में दस्तावेज में दर्ज है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ अपराध करना स्वीकार किया और बताया कि उसे मिला पैसा खर्च हो गया। इस प्रकार, जांच दस्तावेज में दर्ज घटनाक्रम में कक्ष नंबर-16 से रकम हटाने के आरोप, सीसीटीवी से मामला सामने आने, रकम ट्रस्ट को सौंपे जाने और फिर पुलिस की ओर से बरामदगी तक की कड़ी सामने आती है। चोरी की बात सामने आने पर राम मंदिर ट्रस्ट ने भी अपने स्तर पर पुलिस के सहयोग से आरोपियों के पास से चोरी की रकम बरामद की थी, जिसे बाद में लॉकर में जमा कराया गया था।