अयोध्या में सजाए गए द्वार।
- फोटो : amar ujala
साकेत महाविद्यालय से आगे बढ़कर टेढ़ी बाजार चौराहे की ओर कदम बढ़ते हैं तो वातावरण में रामधुन घुलने लगती है। मधुर स्वर में गूंजती रामधुन राहगीरों को ठहरकर इस उत्सवी माहौल को महसूस करने के लिए विवश करती है। राम मंदिर के आदि शंकराचार्य द्वार और जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार पर भव्य तोरण द्वार आकार ले रहे हैं। फूलों से इनका शृंगार किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी आकर्षक झांकी सजाई जा रही है।
गोंडा सीमा तक फैली दीपोत्सव की चमक
दीपोत्सव की सजावट का दायरा अयोध्या शहर तक सीमित नहीं है। रामनगरी की चमक गोंडा सीमा तक पहुंच रही है। पुराने सरयू पुल को रोशनी, फूलों और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है। पुल पर विशेष प्रकाश सज्जा के साथ आतिशबाजी का भी आयोजन होगा। सरयू के इस पार से उस पार तक जगमगाती रोशनी रामनगरी में प्रवेश करने वालों का स्वागत करेगी। शाम होते ही अयोध्या की भव्यता देखने श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
दीपोत्सव को लेकर सजा बिड़ला मंदिर
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- 30 लाख दीपों का प्रज्ज्वलन।
- 2187 अर्चकों व महिलाओं की ओर से सरयू की महाआरती।
- राम की पैड़ी पर 15 हजार दर्शक क्षमता का विस्तार।
- पहली बार फिलीपींस व दक्षिण अफ्रीका की रामलीला।
- पहली बार थ्री डी थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी पॉइंट।
- राम की पैड़ी परिसर में पहली बार विजिटर गैलरी।
- ग्रीन आतिशबाजी शो, इस बार 2100 ड्रोन शो।
- 300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा रामायण थीम पर सिनमैटिक फसाड।
- पहली बार अयोध्या की 16 टीमें रामलीला शोभायात्रा में शामिल होंगी।