सीजेएम ने की कार्रवाई की मांग
यह ईमेल प्राप्त होते ही न्यायालय में हलचल मच गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने एसएसपी को पत्र भेजकर न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। पत्र में उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तलाशी और बम निरोधक व श्वान दस्ते से नियमित जांच कराने को कहा है।
इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से प्रभावी निगरानी, सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने और ई-मेल के स्रोत व प्रेषक की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। वहीं, 8 से 27 नवंबर तक विशेष सतर्कता के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल और गश्त की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
बढ़ाई गई कचहरी में निगरानी
ईमेल की सूचना पर नगर कोतवाली और कैंट पुलिस दोपहर में ही कचहरी पहुंची और सभी प्रवेश द्वारों की सघन चेकिंग की गई। परिसर में भी छानबीन की गई। वहीं, प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटक्टर समेत अन्य उपकरणों की क्रियाशीलता का परीक्षण करके मौजूद कर्मियों को हर समय अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
बगैर चेकिंग के किसी भी व्यक्ति को कचहरी में प्रवेश न करने देने के निर्देश दिए गए। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि बृहस्पतिवार से ही कचहरी की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। विभिन्न तकनीकी माध्यमों से निगरानी बढ़ाई जा रही है। ईमेल के स्रोतों का पता लगाया जा रहा है।
2007 से लेकर अब तक कई बार निशाने पर रही कचहरी
फैजाबाद कचहरी वर्ष 2007 से लेकर अब तक कई बार अराजकतत्वों के निशाने पर रही है। 23 नवंबर 2007 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलती रही।
जून 2022 में रजिस्टर्ड डाक से धमकी भरा पत्र भेजा गया। सितंबर 2025 में परिसर से दो तमंचे और चार कारतूस मिले। फरवरी 2026 में 18 बम लगाने की धमकी पर पूरी कचहरी खाली करानी पड़ी थी। अब एक बार फिर धमकी मिलने से न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।