रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने संतों की सुुविधा के लिए सहायक या सेवक को साथ ले जाने की अनुमति दे दी है। रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले संतों को एक किलोमीटर पैदल न चलना पड़े, इसके लिए जरूरत अनुसार व्हीलचेयर, ई-कार्ट की व्यवस्था रहेगी।
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समारोह में आने वाले करीब चार हजार संतों की सूची तय हो चुकी है। पहले संतों को सेवक-सहायक ले जाने की अनुमति नहीं थी। इस पर कई संतों ने असमर्थता जताई थी। संतों के आमंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया, संतों की बात का ध्यान रखा गया है। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों से भी बात हुई है। -अमर उजाला विशेष टीम
सौ वीआईपी अतिथियों के लिए टेंट सिटी
अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने वाले अतिथियों के स्वागत को नगर निगम की ओर से भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्हें कोई दिक्कत न हो, इसके लिए साकेत पेट्रोल पंप के सामने 100 अतिथियों के लिए विशेष टेंट सिटी बसाई गई है। एक टेंट में दो बेड हैं। नहाने के लिए बाथरूम में गीजर की व्यवस्था भी है। चीफ इंजीनियर सीपी मौर्या ने बताया, टेंट सिटी तैयार है। आम श्रद्धालुओं के लिए 5 हजार बेड की व्यवस्था है। यह 23 जनवरी से उपलब्ध रहेगी।
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यथार्थ गीता...लाखों रामभक्तों काे निशुल्क
परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का संकल्प अयोध्या में उनके शिष्य पूरा कर रहे हैं। अयोध्या आ रहे लोगों को यथार्थ गीता की पुस्तक निशुल्क भेंट की जा रही है। दो दिनों में ही अयोध्या पहुंचे करीब 25 हजार से अधिक लोगों को यह पुस्तक मिल चुकी है।
स्वामी जी के शिष्य सोहमानंद बाबा अयोध्या में ही हैं। वह रामभक्तों को पुस्तक राम प्रसाद के रूप में भेंट कर रहे हैं। कहते है, रामभक्तों के कल्याण के लिए स्वामी जी ने संकल्प लिया कि प्राण प्रतिष्ठा से पहले एक लाख गीता निशुल्क बांटनी है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले पहुंचने वाले सभी को गीता भेंट करेंगे।