पुलिस के अनुसार, महिपाल सिंह का बयान वीडियो कॉल के माध्यम से दर्ज किया गया है। बयान की रिकॉर्डिंग और उसमें सामने आए तथ्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इसे न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। महिपाल सिंह ने मंदिर निर्माण से जुड़े खर्च को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एसआईटी अब उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण कर सकती है।
नियुक्तियों को लेकर भी उठाए सवाल
महिपाल सिंह ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूर्व कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि जिस अवधि में स्वामी गोविंददेव गिरि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उसी दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए थे।