अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल अवध विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में विकसित सीताराम सरोवर और नवीनीकृत सभागार का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने परिसर में संचालित विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास विश्वविद्यालयों की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं।
अवध विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से विकसित सीताराम सरोवर का लोकार्पण किया। सरोवर का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और विश्वविद्यालयों को इस दिशा में समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय जायजा लेते हुए शैक्षणिक भवनों, सड़क, पेयजल व्यवस्था, हरित क्षेत्रों तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कुलसचिव विनय कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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सरोवर के पास बच्चों के लिए लगा झूला
करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से विकसित सीताराम सरोवर विश्वविद्यालय परिसर की नई पहचान बन गया है। सरोवर के आसपास विकसित हरित क्षेत्र विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। बैठने के लिए सरोवर के आसपास बेंज, कुर्सी और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला लगाया गया है। पूरे सरोवर लाइट से सजाया गया था।