अयोध्या। विभिन्न पाठ्यक्रमों की सम सेमेस्टर परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्न के पैटर्न पर कराने का निर्णय अब डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। इस मसले पर विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) के पत्र का कोई जवाब तय समयावधि बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नहीं दिया गया है। ऐसे में अब इसके विरोध में 11 नवंबर को विश्वविद्यालय में आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. जन्मेजय तिवारी और महामंत्री प्रो. अमूल्य कुमार सिंह ने अयोध्या समेत गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और अमेठी के विश्वविद्यालय से संबद्ध 801 कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों को 11 नवंबर को सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय पहुंचने के लिए पत्र लिखा है। इस बारे में शिक्षक संघ अध्यक्ष ने बताया कि कुलसचिव विनय कुमार सिंह को पत्र सौंपकर इस मसले पर सात नवंबर तक जवाब देने का अनुरोध किया गया था। यह समयावधि बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
कुलपति से वार्ता के लिए तैयार, परीक्षा प्रणाली में बदलाव स्वीकार नहीं
उन्होंने बताया कि शनिवार को कुलसचिव ने फोन कर इस संबंध में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह से वार्ता करने की सलाह दी है। इस पर उनसे कहा गया कि 11 नवंबर से पहले कुलपति शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल को मिलने का समय दे सकते हैं। इस निर्णय को वापस लिए जाने से कम पर कोई सहमति नहीं बन पाएगी। पहले की तरह ही परीक्षा प्रणाली लागू करने के बाद ही आंदोलन स्थगित किया जाएगा। शिक्षक संघ अध्यक्ष ने कहा कि नैक ए श्रेणी में शामिल कानपुर विश्वविद्यालय, प्रयागराज के रज्जू भैया विश्वविद्यालय और पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कहीं भी यह व्यवस्था नहीं लागू हैं। एक बार अवध विश्वविद्यालय में तत्कालीन कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने इसे लागू किया था लेकिन बाद में उन्हें वापस लेना पड़ा था।