हैदरगंज। रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत का असर अब सामाजिक ताने बाने पर दिखने लगा है। हालात यह हैं कि सिलिंडर उपलब्ध कराने वाले मददगारों को निमंत्रण भी देना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जो लोग रसोई गैस कम उपयोग में लाते हैं ऐसे लोगों का पता लगाया जा रहा है।
शादी-ब्याह और श्रीमद्भागवत कथा जैसे कार्यक्रमों वाले घरों के लोग पहले निमंत्रण देते हैं फिर उनसे घरेलू गैस कनेक्शन मांग रहे हैं। पहले एजेंसियों से गैस आसानी से मिल जाती थी अब स्थिति बदल गई है। बैसूपाली के एक घर में शादी समारोह होना है। बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने अपने घर के सिलिंडर दिए। कुछ लोगों ने तो बुकिंग के लिए अपनी पासबुक भी उपलब्ध करा दी। करीबी और रिश्तेदारों के अलावा जिसने भी सिलिंडर दिया, उसे भी निमंत्रण भेजा गया है।
आपसी सहयोग से संभल रही रसोई
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम सामूहिक परंपरा का हिस्सा होते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग सहयोग के लिए आगे आते हैं। गैस की किल्लत के बीच यही सहयोग आयोजनों की बड़ी ताकत बन गया है। गौहानी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के भंडारे के लिए भी गांव वालों ने पासबुक देकर सिलिंडर की व्यवस्था की। क्षेत्र के जागरूक लोगों का कहना है कि यह परेशानी पुराने जमाने की याद दिला रही है, जब लोग ऐसे आयोजनों के लिए बिस्तर और बर्तन जैसी चीजें एक-दूसरे से मांगकर काम चलाते थे।