अयोध्या। जिले में पांच नए थाने बनाने के लिए गृह विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वपूर्ण कार्य को अमली जामा पहनाने के लिए अब सरकारी जमीन का इंतजार है। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम जमीन खोज रही है, लेकिन शहरी इलाके में अब तक कोई जमीन न मिलने का दावा किया जा रहा है।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से जिले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। त्यौहार विशेष के मौकों पर यह संख्या काफी अधिक होती है। इनकी सुरक्षा के लिहाज से जिले में पुलिसिंग के इंतजाम नाकाफी थे। 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले ही पुलिस ने जिले में पांच नया थाना बनाने की तैयारी की थी। इसके लिए तीन पुलिस चौकियों क्रमश: दर्शननगर, सहादतगंज व देवकाली को उच्चीकृत किया जाना था। जबकि, हनुमानगढ़ी व एयरपोर्ट के लिए एक-एक नया थाना बनाने की योजना थी।
जिले से भेजे गए इस प्रस्ताव पर शासन से मुहर तो लग गई, लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। इसके पीछे इन क्षेत्रों में जगह की अनुपलब्धता प्रमुख वजह मानी जा रही है। इसके लिए बीते दिनों गृह विभाग ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। जिलाधिकारी ने तहसील सदर की टीम को जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
तहसीलदार सदर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली अयोध्या क्षेत्र में एक थाने के लिए जमीन मिली है, लेकिन शहरी इलाके में अभी तलाश जारी है। संबंधित लेखपालों को जमीन चिह्नित करके सूचना देने को कहा गया है।
50 हजार की आबादी पर एक थाना बनता है। इस पर एक थानाध्यक्ष के अलावा सात-आठ उपनिरीक्षक, आरक्षी, मुख्य आरक्षी आदि तैनात होते हैं। अब तक जिले में महिला थाना मिलाकर 19 पुलिस थाने हैं। सामान्य दिनों तो किसी तरह कार्य चलता है, लेकिन अयोध्या धाम के विभिन्न आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण होता है।
आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की तादाद देखते हुए पूर्व में ही नये थानों के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। इस पर शासन से मुहर लग चुकी है। जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे जिले की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।