अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को निरस्त कर दी गई। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक अदालत रजत वर्मा ने यह आदेश पारित किया। यह चौथी बार था जब उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई।
अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सुभाष श्रीवास्तव का अपराध गंभीर प्रकृति का है। यह आजीवन कारावास से दंडनीय है। अन्य आरोपियों के साथ मिलकर करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी सबूत के तौर पर है। विशेष अभियोजन अधिकारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया। मामले की विवेचना करने वाले सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी भी अदालत में मौजूद थे। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वायत्तशासी संस्था है। न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सात अन्य आरोपियों की जमानत भी निरस्त
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में आठ आरोपी जेल में निरुद्ध हैं। इनमें से सात अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही निरस्त हो चुकी है। रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और अविनाश शुक्ला की अर्जी 21 सितंबर को खारिज हुई थी। अनुकल्प मिश्रा, करुणेश और लवकुश की जमानत अर्जी 22 सितंबर को निरस्त हुई। चर्चित आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की अर्जी छह अक्तूबर को निरस्त की गई थी।