अयोध्या। प्रदेश की योगी सरकार 2025-26 का बजट प्रस्तुत करने जा रही है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार यह बजट राज्य की आर्थिक, सामाजिक व बुनियादी ढांचे की प्रगति को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। साथ ही प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ठोस रोडमैप तैयार करेगा। बजट 8 से 10 लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। इस बार भी सरकार काे मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, कृषि विकास व पर्यटन पर रखना होगा।
अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन व उद्यमिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने कहा किउत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। यहां का बजट देश के सबसे बड़े बजट में से एक होता है। यह बजट नए उद्योगों को आकर्षित करने, कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, महिलाओं के आर्थिक उत्थान को बढ़ावा देने और प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा। बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति देगा। समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रोजगार सृजन और औद्योगिक नीतियों के तहत नए अवसरों की घोषणा की उम्मीद है। विभिन्न पेंशन योजनाओं का विस्तार कर गरीबों को अधिक राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
अवध विश्वविद्यालय के आचार्य अर्थशास्त्र व ग्रामीण विकास विभाग प्रो. विनोद श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार के बजट से वर्तमान परिदृश्य में प्रदेश की जनता की अपेक्षाएं केंद्रीय आम बजट को देखते हुए काफी ज्यादा हैं। प्रदेश की योगी सरकार निश्चित रूप से सामान्य जनमानस को बेहतर सुविधा प्रदान करते हुए कर की विभिन्न दरों में राहत प्रदान करेगी। युवा वर्ग के लिए रोजगार व आय के नए अवसर प्रदान करने में सफल होगी l धार्मिक पर्यटन से राज्य की सकल घरेलू राजकीय आय (GSDI) में लगभग दोगुने की वृद्धि हुई है। प्रयागराज महाकुंभ से श्रद्धालु व पर्यटकों का त्रिकोणी उलट प्रवाह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज गति से विकासशील गति प्रदान कर रहा है।
साकेत महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश पांडेय ने कहा कि बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देने की संभावना है, जिससे प्रदेश की समग्र प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। इस बजट से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष प्रावधानों की उम्मीद की जा रही है। किसानों के लिए रियायती दरों पर बिजली आपूर्ति और पीएम कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अधिक धनराशि आवंटित होने की संभावना है। सरकार विकास कार्यों के लिए लगभग 2.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित कर सकती है।
साकेत महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पार्थसारथी पांडेय ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए आठ से 10 लाख करोड़ रुपये का बजट सरकार प्रस्तुत कर सकती है। बजट में सरकार किसान, युवाओं व सामाजिक योजनाओं पर जोर देगी। औद्योगिक विकास के साथ आधारभूत संरचना पर प्रमुख जोर होगा l केंद्र सरकार से प्राप्त बजट के अंश का प्रभाव भी इस बजट में दिखेगा। इसका एक बड़ा हिस्सा किसानों की दशा को सुधारने के लिए दिया जा सकता है।