अयोध्या। चलती ट्रेन में महिलाओं के आभूषण चोरी करने के अभियुक्त राजेश तिवारी को जेल में बिताई गई अवधि की सजा से दंडित किया गया। साथ ही 3000 रुपये जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम/ न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनल उपाध्याय ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 14 जुलाई वर्ष 1996 को थाना जीआरपी प्रभारी राजकुमार वर्मा फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर अपने हमराहियों के साथ निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान शंका के आधार पर एक युवक को पकड़ा गया। पकड़े गए युवक के पास से कान का बाला तथा चाकू बरामद किया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम राजेश तिवारी और अंबेडकर नगर के थाना इब्राहिमपुर के मकंदापुर गांव का निवासी बताया। थाना प्रभारी की तहरीर पर अभियुक्त राजेश के विरुद्ध आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ।
वहीं, थाना कैंट के रेतिया निवासिनी फुलवा देवी पत्नी मुन्ना लाल ने थाने पर तहरीर दिया कि वह 11 जुलाई 1996 को सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से फैजाबाद से अकबर पर जा रही थीं। गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर कान की बाली नोच कर ट्रेन से कूद गया। राजेश के पास से बरामद कान की बाली की पहचान करने पर चोरी व माल बरामद की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया लेकिन अभियोजन पक्ष से कोई भी गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। अभियुक्त ने न्यायालय में जुर्म स्वीकार करने तथा गरीब होने के आधार पर मुकदमा समाप्त करने की याचना किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर सभी मामलों में अभियुक्त राजेश तिवारी को जेल में बिताई गई अवधि को सजा मानते हुए 3000 रुपये जुर्माना से दंडित करने का फैसला सुनाया।