अयोध्या। 28 राजकीय विद्यालयों को खेल योजना के तहत 25-25 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था, ताकि छात्र-छात्राओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जा सके। लेकिन आधा सत्र बीतने वाला है। अब तक 24 राजकीय विद्यालय ने खेल सामग्री नहीं खरीदी है।
शासन ने बच्चों में खेलों की रुचि बढ़ाने और विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से यह धनराशि जारी की थी। लेकिन विद्यालयों की लापरवाही से खेल सामग्री नहीं खरीदी गई। खेल सामग्री खरीदने के बाद उपभोक्ता प्रमाण पत्र डीआईओएस कार्यालय में जमा करना होता है। इन विद्यालयों में जीजीआईसी गोसाईगंज, जीजीआईसी अयोध्या, तुलसी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जीआईसी, फतेहगंज, जीजीआईसी तोेरोमाफी, जीजीआईसी अमानीगंज, जीजीआईसी हैदरगंज, जीजीआईसी सोहावल, जीजीआईसी गोहिनिया, जीजीआईसी लदोली, राजकीय हाईस्कूल भदोली, राजकीय हाईस्कूल लोरी, राजकीय हाईस्कूल बेनवा, राजकीय बालिका हाईस्कूल घोड़वल, राजकीय बालिका हाईस्कूल लदोली, राजकीय हाईस्कूल, पूरेनचा, राजकीय हाईस्कूल मानूडीह, राजकीय हाईस्कूल हरदी, राजकीय हाईस्कूल सराय सागर, राजकीय हाईस्कूल गढ़ा, राजकीय हाईस्कूल कहआ, राजकीय हाईस्कूल कदोली, राजकीय हाईस्कूल कोदिनेया, राजकीय हाईस्कूल शुजागंज, जीआईसी टकसरा, जीआईसी सुनबा, जीआईसी ददेरा, जीआईसी धोरहरा मिलनीपुर विद्यालय शामिल हैं। इनमें से केवल चार राजकीय विद्यालयों ने ही खेल सामग्री खरीदी है।
डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं, खेल सामग्री खरीदने के लिए। जो विद्यालय अभी तक खेल सामग्री नहीं खरीदे उन्हें एक बार फिर निर्देशित किया जाएगा। इसके बाद कार्यवाही होगी।