अयोध्या। कोतवाली अयोध्या के कांशीराम कॉलोनी में 20 दिन की बच्ची काे राजस्थान में बेचने की तैयारी थी। बच्ची की मौसी ही उसका सौदा कर रही थी। बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के निर्देश पर एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम ने रेस्क्यू किया तो मामले का खुलासा हुआ है।
पूराकलंदर क्षेत्र के भदरसा इलाके का एक परिवार कांशीराम कॉलोनी में निवास करता है। उसकी छोटी बेटी कॉलोनी में ही एक महिला के साथ अलग रहती है। वह अभी अविवाहित है, लेकिन उसने एक बच्ची को जन्म दिया है, जो लगभग 20 दिन की है। बुधवार को एक सामाजिक संस्था ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी को कांशीराम कॉलोनी में बच्ची काे बेचे जाने की सूचना दी थी।
अध्यक्ष के निर्देश पर एएचटी व चाइल्ड लाइन की टीम ने रेस्क्यू किया तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया। नवजात की बड़ी मौसी ही उसका सौदा कर रही थी। राजस्थान के किसी व्यक्ति से फोन पर इसके लिए बात हुई थी। वह लोग बच्ची को लेने शाम तक आने वाले थे। इसके बाद टीम ने कोतवाली अयोध्या में इसकी सूचना दर्ज कराकर बच्ची और उसकी मौसी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया।
15 दिन के लिए मां को सौंपी गई बच्ची
समिति के समक्ष बच्ची की मौसी उसकी मां पर ही आरोप मढ़ने लगी। समिति के अध्यक्ष ने उसकी मां को बुलाया तो उसने आरोप खारिज कर दिए और नवजात को अपने साथ रखने पर सहमत हुई। अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने बताया कि 15 दिन के लिए नवजात को उसकी मां को सौंपा गया है। इसके बाद यदि वह उसके भरण-पोषण में असमर्थ दिखेगी तो उसे शिशु गृह भेजा जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
कांशीराम कॉलोनी में तमाम तरह के फल-फूल रहे धंधे
कांशीराम कॉलोनी लंबे में समय से नशे और अनैतिक देह व्यापार के मामले सामने आते रहे हैं। मानव तस्करी का यह मामला सामने आने पर हर कोई हतप्रभ है। लोग इन कारनामों से पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठा रहे हैं।