अयोध्या। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों की कसौटी पर मेडिकल कॉलेज के 17 विभाग खरे नहीं उतर सके। इस वजह से इन विभागों में परास्नातक कोर्सों की अनुमति नहीं मिल सकी है। सिर्फ एनाटॉमी विभाग में ही तीन सीटें पाने में मेडिकल कॉलेज सफल रहा है। हालांकि, एनएमसी ने रिप्रेजेंटेशन के लिए 10 दिन का मौका दिया है। यदि पीजी सीटें नहीं मिलीं तो भविष्य में भी विशेषज्ञों की कमी दूर कर पाना आसान नहीं होगा।
प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। इसका असर जिले के अस्पतालों में ही देखा जा सकता है, जहां विशेषज्ञों के न होने से एमबीबीएस चिकित्सकों से ही काम चलाया जाता है। यह कमी दूर करने के लिए इस बार मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ाने की तैयारी थी। इसके लिए 18 विभागों में परास्नातक कक्षाओं के लिए 50 सीटों पर आवेदन किया गया था। समस्त आवश्यक संसाधन जुटाकर पीजी सीटें मिलने का दावा किया जा रहा था लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
एनएमसी ने मौजूद संसाधनों का जायजा लिया तो 17 विभाग मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन विभागों में कई छोटी-बड़ी कमियां पाई गई थीं, जिसका जवाब उस समय मेडिकल कॉलेज प्रशासन नहीं दे सका। ऐसे में उन विभागों में पीजी कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं मिलीं। वहीं, एनाटॉमी विभाग में आवेदित चार सीटों की तुलना में तीन पर हरी झंडी मिली है। शेष विभागों से संबंधित रिप्रेजेंटेशन के लिए एनएमसी ने 10 दिन का समय दिया है।
इन विभागों में सीटों के लिए किया गया आवेदन
जनरल सर्जरी, बायोकेमिस्ट्री व कम्युनिटी मेडिसिन में पांच-पांच, एनाटॉमी, पैथोलॉजी व फिजियोलॉजी में चार-चार, स्त्री रोग विभाग, जनरल मेडिसिन में तीन-तीन, फोरेंसिक मेडिसिन, माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्माकोलॉजी, एनेस्थीसिया, अस्थि रोग, बाल रोग व इम्युनोलॉजी हेमेटालॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन में दो-दो, नेत्र रोग, मानसिक रोग व रेडियोलॉजी में एक-एक सीटों पर आवेदन किया गया है।
जिले में विशेषज्ञों की है कमी
जिले के सभी अस्पतालों में विशेषज्ञों की भारी कमी है। सिर्फ सीएमओ के अधीन संचालित 15 सीएचसी पर ही गौर करें तो स्वीकृत 75 विशेषज्ञों की तुलना में सिर्फ 19 की तैनाती है। इनमें जनरल सर्जन के सभी 15, निश्चेतक के 14, फिजीशियन के 11, बाल रोग विशेषज्ञ के सात व स्त्री रोग विशेषज्ञ के नौ पद रिक्त हैं।
-17 विभागों में कुछ कमियों के कारण पीजी सीटें नहीं मिल सकी हैं। रिप्रेजेंटेशन के लिए 10 दिन का मौका मिला है। उम्मीद है कि जवाब से संतुष्ट होकर एनएमसी की ओर से अन्य विभागों में भी पीजी सीटें मिलेंगी। -डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अयोध्या