अयोध्या। दशरथ पथ के स्वरूप को निखारने में 15 हस्त और 15 शस्त्र मुद्राएं अपना योगदान देंगी। इस पथ के डिवाइडर पर छह फीट ऊंचे 30 पिलर बनाए जाएंगे। पिलर पर हस्त और शस्त्र मुद्रा की स्थापना की जाएगी। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के लिए ये मुद्राएं आकर्षण का केंद्र होंगी। धर्मपथ के पास एनएच-27 पर स्थित साकेत पेट्रोल पंप से होते हुए बिल्वहिरघाट तटबंध के समानांतर दशरथ समाधि होते हुए पूरा बाजार में अंबेडकरनगर हाईवे से जुड़ने वाले 15.30 किलोमीटर लंबे दशरथ पथ का निर्माण तेजी से चल रहा है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी के किनारे किष्किंधा वन की सौगात देते हुए त्रिवेणी वाटिका की स्थापना की थी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने अब इस पथ को धर्मपथ की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने की तैयारी की है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हस्त और शस्त्र मुद्राएं तैयार करने के लिए कलाकार का भी चयन हो गया है। दशरथ पथ का निर्माण पूरा होने के साथ इन्हें स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने बताया कि रामपथ, भक्तिपथ और धर्मपथ की ही तरह दशरथ पथ भी रामनगरी के प्रमुख कॉरिडोर में शामिल है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों का इस पर आवागमन होगा। इसलिए इसे भी भव्य स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 85 लाख रुपये की लागत से हस्त और शस्त्र मुद्राओं से सुसज्जित किया जाएगा।