शहर के पढ़ीन दरवाजा के एक अधेड़ ने बीमारी से तंग आकर सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पिछले दो सालों से किडनी की बीमारी से त्रस्त था। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटना स्थल का जायजा लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पढ़ीन दरवाजा के नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव (48) प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे। पिछले दो साल से वह किडनी रोग की बीमारी से पीड़ित थे। इलाज में तमाम रुपये खर्च करने के बाद भी बीमारी ठीक न होने से वह निराश हो चुके थे। सोमवार की दोपहर लगभग 12 बजे पत्नी राधा देवी को बाजार तो दो बेटी व एक बेटे को पैसे देकर नरेंद्र ने बाहर भेज दिया।
बीमारी को लेकर मानसिक रूप से परेशान नरेंद्र ने घर के आंगन में रखे जाल पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। तभी घर आए मृतक के बेटी आरती ने अपने पिता को फांसी पर झूलते देखकर चीखती हुई बाहर की ओर भागी और घटना की पड़ोसियों को जानकारी दी। सूचना पुलिस को भी दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा भर कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर मृतक की पत्नी राधा देवी ने बताया कि नरेंद्र बीमारी को लेकर काफी दिनों से परेशान दिखाई दे रहे थे।