पैमाने पर 106.10 के स्तर को छूता बाढ़ का पानी
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राजस्थान के धौलपुर स्थित बैराज से रविवार रात छोड़े गए पानी से यमुना नदी के जलस्तर में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इसके चलते नदी में पानी का स्तर 106 मीटर तक पहुंच गया है। बढ़े जल स्तर से सामाजिक संस्था विचित्र पहल की ओर से बनाया गया रामझरोखा आधे से अधिक पानी में डूब गया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक यमुना नदी में बाढ़ की स्थिति अभी बहुत दूर है।
शनिवार तक शेरगढ़ घाट स्थित यमुना नदी के गिरते जल स्तर ने रविवार रात 12 बजे से अचानक बढ़त बनानी शुरू कर दी। रविवार को दिन में 105 के आंकड़े पर खेल रहा पानी का बहाव रात 12 बजे के बाद पैमाने पर ऊपर की तरफ बढ़ना शुरू हो गया। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के मुताबिक धौलपुर स्थित बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। रविवार रात 105.23 मीटर से बढ़ते हुए सुबह 9 बजे जल के स्तर से 106.10 के पैमाने को छू लिया।
सूत्रों के मुताबिक यमुना नदी में जल का स्तर प्रति घंटे 80 सेमी बढ़त लिए हुए है। नदी में बढ़े पानी के कारण आसपास का यमुना का खाली क्षेत्र पूरी तरह से पानी से ढक गया। वहीं घाट पर बना स्नानागार भी पानी में समा गया। जबकि विचित्र पहल की ओर से यमुना घाट आने वाले लोगों के बैठने के लिए बनाया गया रामझरोखा लगभग 8 फीट तक पानी में समा गया। वहीं पानी का बहाव तेज होने से आसपास के मिट्टी के टीले धसक कर पानी में घुल रहे हैं। जिससे नदी में पानी का रंग पूरी तरह से मटमैला दिखाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक यमुना नदी में सोमवार तक पानी की बढ़त रहने की संभावना है।