एक साल पूर्व जालौन चौराहा पेट्रोल पंप से शेरगढ़ घाट यमुना पुल की सड़क के कराए गए सुदृढ़ीकरण में सड़क धंसने पर पीडब्ल्यूडी पर सवाल उठने लगे हैं। सुदृढ़ीकरण की गुणवत्ता पर इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।
यमुना पुल सड़क के खस्ताहाल से लोगों को हो रही परेशानी पर अमर उजाला ने मुहिम चलाई थी। इस पर पीडब्लूडी ने साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च कर सड़क का सुदृढ़ीकरण कार्य कराया था।
विभाग द्वारा सड़क का कराया गया सुदृढ़ीकरण एक वर्ष में ही गुणवत्ता विहीन कार्य के चलते हकीकत दिखाने लगा है। महत्वपूर्ण यमुना पुल की सड़क एक बार फिर से धंस गई है। वहीं कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढ़े भी बन गए हैं।
खास बात यह है कि बिलराया-पनवाड़ी मार्ग पर रात दिन मौरम व गिट्टी लदे ट्रकों का आवागमन है। इससे मार्ग पर आवश्यकता से अधिक लोड पड़ता है। इसके बावजूद सड़क सुदृढ़ीकरण में गुणवत्ता की पूरी तरह से अनदेखी की गई, जिससे समस्या पैदा होनी शुरू हो गई है।
पीडब्लूडी के सहायक अभियंता रामविलास ने बताया कि एक वर्ष पूर्व जालौन चौराहे से शेरगढ़ घाट यमुना पुल तक की 4.6 किलोमीटर की सड़क का चार करोड़ रुपये से सुदृढ़ीकरण कराया गया था। मार्ग पर लोड अधिक होने से ऊपर की पर्त दब गई होगी। इसकी जांच कराकर जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा।