औरैया। वैसे तो तीन सितंबर तक शेरगढ़ स्थित यमुना पुल से आवाजाही पर पाबंदी हैं, फिर भी काफी दोपहिया-चौपहिया वाहन सवार लोग वहां पर पहुंच रहे हैं।
वहां पर तैनात पुलिस फोर्स उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते से जाने का रास्ता भी सुझा रही है। उधर, शनिवार को पुल पर भार मापने का काम जारी रहा।
औरैया और जालौन जनपद को जोड़ने वाला शेरगढ़ स्थित यमुना नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। डेढ़ साल पहले इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। वहीं मरम्मत कार्य को हरी झंडी मिलने के बाद पिछले दिनों यहां पर पुल की आठ खराब बेयरिंगों को बदला गया था। साथ ही पुल के पिलरों पर नमी रोधक लेयर चढ़ाई गई थी।
पुल पर मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद अब भारी वाहनों को दौड़ाने से पहले लोक निर्माण विभाग भार परीक्षण में जुटा है। भार जांचने के लिए तीन सितंबर तक पुल पर आवागमन रोका गया है। पुल पर आवाजाही बंद होने से औरैया से जालौन तो जालौन से औरैया आने-जाने वाले लोगों को बुंदेलखंड के रास्ते से दुगुना सफर तय करना पड़ रहा है।
पुल की मरम्मत कार्य के बाद अब कार्यदायी संस्था पुल पर भार जांचने में जुटी है। विभागीय जानकारों की माने तो शुक्रवार को छह-सात व सात-आठ पिलरों के बीच 30-30 टन के पत्थर लदे चार ट्रक खड़े किए गए थे। इन्हें 24 घंटे तक वहां खड़ा किया गया था। इसके बाद हर घंटे पुल की बेयरिंग से लेकर पिलरों का जायजा लिया जा रहा था।
24 घंटे बीत जाने के बाद इन पिलरों पर अनलोडेड वजन का भी आकलन किया जा रहा है। इसके लिए पुल के नीचे जरूरी उपकरण लगाए गए हैं। इस उपकरण के जरिए हर घंटे रीडिंग ली जा रही है।
लोगों को रोकने के लिए पुलिस तैनात
अवर अभियंता रिहान ने बताया कि शनिवार को पिलर नंबर 23 पर 120 टन का वजन डाला गया है। जिसकी मॉनीटरिंग चल रही है। 24 घंटे बाद इसे अनलोड कर जांच की जाएगी। इसी तरह जिन पिलरों पर बेयरिंगें बदली गई हैं। उन पर भी भार परीक्षण किया जाएगा। भार परीक्षण के दौरान पुल पर आवागमन बंद है। औरैया व जालौन रोड पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। ताकि लोग पुल तक न पहुंचे।