अजीतमल। सख्ती के बाद भी सहकारी समितियों में किसानों को खाद के लिए चक्कर काटना पड़ रहा।
किसानों का कहना है कि सुबह से लाइन लगाने के बाद भी सिर्फ एक बोरी खाद मिल रही है। जबकि जरूरत दो बोरियों या अधिक खाद की है। इसे लेकर किसान परेशान हैं।
अजीतमल सहकारी समिति पर 17 गांवों के किसान संबद्ध हैं। यहां शनिवार सुबह से ही किसानों की खासी भीड़ रही। किसानों ने बताया कि कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। तब भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें पांच बोरी की जरूरत है, लेकिन यहां खतौनी पर दो ही बोरी खाद मिल रही है। सहकारी समिति के सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि 27 अगस्त को उनके गोदाम पर 400 बोरी खाद उतरी थी। इसका शुक्रवार से वितरण किया जा रहा है। अभी तक 122 बोरी खाद का वितरण हो चुका है। शेष 278 बोरी का वितरण आधार कार्ड व खतौनी से किया जा रहा है।
गांव न्यामतपुर के किसान अशोक कुमार ने बताया कि तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं। शनिवार को मात्र दो बोरी खाद मिली है। उन्होंने चार बीघा में धान और बाजरा बोया है, पर्याप्त खाद नहीं मिली।
किसान संत कुमार ने बताया कि शनिवार को दो बोरी खाद मिली जबकि तीन बीघा में धान की फसल बोई है। गांव शाला के किसान सर्वेश कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन खाद नहीं मिली।
किसान संदीप शुक्ला ने बताया कि अधिक मांग के कारण क्षेत्र के सभी गांवों के किसान खाद लेने पहुंचते हैं। अगर समिति से संबद्ध गांव के लोग ही खाद लेने पहुंचें तो न भीड़ लगेगी और न कोई निराश लौट पाएगा।