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सब्जी की फसल पानी में बही, शवदाह गृह भी डूबा

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औरैया/अजीतमल। यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को बढ़े जलस्तर ने यमुना नदी में बने पैमाने पर 103 मीटर का दायरा पार कर लिया। नदी किनारे खेतों में बोई गई सब्जी बह गई है। शवदाह गृह भी डूब गए हैं।
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गुरुवार देर रात से पानी प्रति घंटे दो से तीन सेमी की बढ़त बना रहा है। इसके चलते नदी में शुक्रवार की सुबह लगभग नौ बजे 103 मीटर से पैमाने को पार कर 10 बजे 103.3 मीटर पैमाने पर आमद दर्ज कराई है। नदी किनारे एक विचित्र पहल व संवेदना ग्रुप के द्वारा बनवाए गए शवदाह गृह भी पानी की चपेट में आकर डूबने लगे हैं। उधर जिला प्रशासन भी यमुना नदी के बढ़े जल स्तर पर लगातार निगाह बनाए हुए है।
अजीतमल से मिली जानकारी के मुताबिक बरसात से यमुना नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे किसानों से लेकर ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। वहीं, तहसील से लेकर जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। संबंधित कर्मचारियों ने आसपास क्षेत्र में डेरा डाल रखा है।
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अजीतमल तहसील क्षेत्र के दर्जनों गॉव यमुना नदी के किनारे बसे हैं। इनमें से 19 को प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित में भी घोषित कर रखा है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ग्रामीणों को पिछले वर्ष आई बाढ़ का मंजर याद आने लगा है। क्षेत्र में निवास करने वाले प्रमोद कुमार, राजेंद्र निषाद, रामप्रसाद, अजीत कुमार, गोविंद, देवीदयाल, सत्यनरायण, धनीराम निषाद, तुलाराम, रामनरायन, पातीराम आदि किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष हुए नुकसान का प्रशासन से अभी तक पूरा मुआवजा भी नहीं मिला है।
वही, तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है सभी इंतजाम कर लिए गए हैं, क्षेत्रीय लेखपालो को गॉव में बराबर डटे रहने की हिदायत दे दी गई है किसी भी स्थिति को निपटने के लिए तहसील प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
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