औरैया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बुधवार को भेजे गए नोटिसों पर पहली सुनवाई हुई।
इस दौरान मायके पक्ष के अभिलेख न दे पाने से महिलाएं परेशान रहीं। वहीं, कई लोग दो जिलों में वोट निकलने के कारण परेशान रहे। जिन मतदाताओं ने अभिलेख उपलब्ध कराए, उनकी समस्या दूर हो गई।
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में तहसील, ब्लॉक और बीआरसी आदि निर्धारित स्थानों पर एसआईआर के तहत भेजे गए नोटिसों की सुनवाई हुई। अधिकारियों ने मतदाताओं की तरफ से पेश किए गए अभिलेख देखे और उनकी बात सुनी।
चरणबद्ध तरीके विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता बुलाए गए थे। कुछ मतदाता तो अभिलेख उपलब्ध कराने के साथ ही 2003 की सूची में अपने माता-पिता के नाम और पहचान साबित करने में सफल रहे। वहीं, कुछ अभिलेख न होने के कारण मायूस ही नजर आए।
सबसे अधिक परेशानी ऐसी महिलाओं को हुई, जिनकी शादी होने के बाद उनका वोट ससुराल में बना है। ऐसे में उन्हें अपने मायके का ब्योरा और अभिलेख उपलब्ध कराने पड़ रहे हैं। इससे वह परेशान हो रही हैं। वहीं, दो जगह वोट निकलने या गणना प्रपत्र अधूरे भरने वाले लोग भी अपना जवाब देने पहुंचे। प्रत्येक अधिकारी ने करीब 150 मतदाताओं को सुना और उनकी समस्या का निराकरण कराया। अभिलेखों के अभाव में अधिकारी भी कुछ नहीं कर पाए। उधर, कितनी महिलाएं मायके पक्ष का विवरण नहीं दे पाईं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
घोषणा पत्र दिया वोट औरैया में रहे
केस एक
बेला क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी वीरभान सिंह बिधूना तहसील में एसआईआर के तहत भेजे गए नोटिस का जवाब देने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूर्व में गणना प्रपत्र भरा था, लेकिन उनके नाम से हरदोई में भी मतदाता का नाम मिला था। पिता का नाम भी समान था। ऐसे में उन्हें नोटिस देकर बुलाया गया था। उन्होंने अभिलेख जमा कर यह घोषणा पत्र दिया कि उनका वोट औरैया में ही रहे।
केस दो
माता-पिता के अभिलेख लेकर पहुंचीं
गांव तिरकों निवासी राधा देवी के नाम भी नोटिस जारी हुआ था। उन्होंने बताया कि उनके मायके पक्ष की ओर से माता-पिता के अभिलेख और 2003 की वोटर लिस्ट न मिल पाने के कारण उनका फार्म अधूरा रह गया था। इसी के चलते अब नोटिस आने पर वह अभिलेख लेकर पहुंचीं थीं।
केस तीन
अभिलेख दिखाने का संकट
गांव हजरतपुर निवासी सोनाली ने बताया कि उन्हें एसआईआर के तहत नोटिस मिला था। उन्हें मायके पक्ष से मात-पिता अभिलेख देने हैं, लेकिन उनके मायके पक्ष के लोग अब यहां रहते ही नहीं हैं। ऐसे में उनके सामने अभिलेखों का भी संकट है। बुधवार को अजीतमल तहसील में अधिकारियों से बात के बाद वह लौट गईं।
50504 मतदाताओं की नहीं हो सकी मैपिंग
जिले में एसआईआर के दौरान 50504 मतदाताओं की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है। इसमें बिधूना विधानसभा क्षेत्र के 17287 मतदाता, दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र के 15945 और विधानसभा क्षेत्र के 17272 मतदाता शामिल हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जा रहा है।
फोटो-27-तहसील बिधूना में नोटिस का जवाब देने पहुंचे वीरभान सिंह। संवाद
फोटो-27-तहसील बिधूना में नोटिस का जवाब देने पहुंचे वीरभान सिंह। संवाद
फोटो-27-तहसील बिधूना में नोटिस का जवाब देने पहुंचे वीरभान सिंह। संवाद