बिधूना। बेला थाना क्षेत्र के गांव बरकसी में 27 जून की रात महिला को बंधक बना घर में रखी नकदी व जेवरात चोरी होने की वारदात सामने आई थी। एसपी चारू निगम के आदेश पर गठित हुई तीन टीमों ने मामले को झूठा पाया। चोरी व मुंह में कपड़े ढूंसने के बाद हाथ पैर बांधे जाने की झूठी कहानी गढ़ी।
बेला थाना क्षेत्र के गांव बरकसी गांव निवासी चंद्रभान ने पुलिस को तहरीर दी थी कि कुछ लोग 27 जून की रात उसके घर में घुस आए। पत्नी रेखा देवी के हाथ पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूसकर अलमारी में रखे 31 हजार रुपये व जेवर चोरी कर लिए। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने घटना को गंभीरता से लेते मामले का खुलासा करने के लिए टीमें लगाईं थीं। पुलिस टीमों ने 36 घंटे के अंदर घटना का खुलासा शनिवार को कर दिया।
मामले की जांच के लिए जुटाए गए सीसीटीवी के फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर चंद्रभान की पत्नी रेखा देवी से पूछताछ की गई तो पूरा सच सामने आ गया। रेखा देवी ने पुलिस को बताया घर में रखे 31 हजार रुपये 15 दिन पहले बेला की सेंट्रल बैंक जमा करने गई थी। उसी दौरान बच्चे को दूध पिलाते समय बरकसी मोड पर रुपये से भरा पर्स गिर गया। जेवरात के बारे में बताया कि बेला में सीपी सिंह सुनार के यहां गिरवी रखे हैं।
महिला ने पुलिस का यह भी बताया कि रुपये गिर जाने से पति कहीं मारपीट न करे। इसी डर के कारण उसने 27 जून को झूठी चोरी की घटना की कहानी गढ़ी। हाथ पैर बांधकर कपड़ा मुंह में ठूसते हुए स्वयं के साथ चोरी व बंधक होने की कहानी तैयार कर दी।
पुलिस अधीक्षक चारू ने बताया कि चोरी की झूठी घटना स्वयं महिला ने बनाई थी। पूछताछ के साथ ही जुटाए गए अन्य तथ्यों के बाद यह बात सामने आई है। महिला ने भी अपनी करामात स्वीकार कर ली है। साजिश रचने के मामले में आरोपी महिला को चेतावनी देकर उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है।