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Auraiya News: मेराज की असलियत आई सामने तो अपनों ने भी छोड़ा महिला का साथ

Fri, 18 Jul 2025 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। छांगुर बाबा व उनके गुर्गों की धर्मांतरण के जाल में फंसी अजीतमल कोतवाली क्षेत्र की महिला अब अपनों से भी दूर हो गई है। माता-पिता मेराज की हत्या के आरोप में जेल में हैं। तो परिवार सहित अन्य रिश्तेदारों ने भी उससे दूरियां बना ली हैं।
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हालांकि महिला व उनका भाई जेल में निरुद्ध माता-पिता की जमानत के लिए प्रयासरत हैं। पीड़िता ने बताया कि पिता की शराब की लत छुड़वाने के जतन उसे इतने महंगे पड़ेंगे, यह उसने कभी सोचा नहीं था। वर्ष 2019 में मां के मायके जाने के दौरान महिला की रुद्र शर्मा (मेराज) से मुलाकात हुई थी।
आरोप है कि रुद्र ने पिता की शराब छुड़वाने के बहाने उसके परिवार को जाल में फंसा लिया। 15 जुलाई को रुद्र व उसकी बहन अंजलि (अल्पिसा) उसे छांगुर पीर बाबा से मुलाकात करवाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि फतेहपुर के बिंदकी स्थित मस्जिद में धर्मांतरण करवाने व उसका शारीरिक शोषण होने पर उसे मेराज व उसकी बहन अल्पिसा की हकीकत पता चली।
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तीन माह बाद वह किसी तरह मेराज के चंगुल से छूटकर भाग निकली। घर आने पर मेराज भी पीछे से आ गया। डर के चलते वह अपने रिश्तेदार के यहां चली गई।
चार जून की रात में मेराज की हत्या हो गई। हत्या के आरोप में पुलिस ने छह जून को उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मेराज की हत्या के दौरान वह बहुत डर गई थी। इसकी वजह से वह मेराज के कुकृत्य को पुलिस के समक्ष नहीं रख सकी।

बाद में उसने शिकायत का प्रयास किया तो सुनवाई नहीं हुई। बाद में उसने एटीएस लखनऊ से शिकायत की। बताया कि माता-पिता की निचली कोर्ट से जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
मेराज के जाल में फंसकर उसका परिवार तबाह हो गया है। माता-पिता तो जेल में हैं। अपनों ने भी उससे दूरियां बढ़ा ली हैं। भाई के अलावा कोई भी उसका मददगार नहीं है। अब वह हाईकोर्ट में माता-पिता की जमानत की पैरवी करेगी। पीड़िता ने बताया कि मेराज का एक दोस्त जिले का ही निवासी है। मेराज का उसके यहां भी आना-जाना था।

गरीब महिलाओं को निशाना बनाता था छांगुर बाबा का गिरोह
एटीएस लखनऊ में दर्ज रिपोर्ट की मानें तो छांगुर बाबा व उसका गिरोह उन महिलाओं को अपने चंगुल में फंसाता था जो अनुसूचित वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आती थीं। बाबा के गुर्गे पहले उनसे हिंदू बनकर संपर्क करते थे, सहयोग कर भरोसे में लेते थे।
इसके बाद उन्हें छांगुर बाबा से मिलवा कर इस्लाम धर्म कुबूल करवाने का प्रयास करते थे। इन्कार करने पर महिला व उसके सहयोगियों पर फर्जी मुकदमे भी दर्ज करवा देते थे।
घटना के दौरान पीड़िता की ओर से धर्मांतरण करवाने को लेकर कोई आरोप नहीं लगाए थे और न अभी तक कोई भी तहरीर दी थी। यदि पीड़िता की ओर से कोई तहरीर आती है तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
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- आलोक मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक
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