गुरुवार को उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की
सदस्य ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। चिकित्सक मौके से नदारद थे।
अस्पताल नर्स और आशा के हवाले मिला।
वार्ड में 16 घंटे से भर्ती
प्रसूता की खबर तक न लेने पर सदस्य भड़क गईं। अस्पताल में व्याप्त गंदगी व
अव्यवस्थाओं से खफा सदस्य ने डीएम को जानकारी देकर आवश्यक कार्रवाई करने को
कहा। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।
उत्तर
प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मनीषा त्रिवेदी के जिला अस्पताल
का निरीक्षण किया। अस्पताल से चिकित्सक नदारद मिले। महिला वार्ड में गंदगी
फैली थी।
सफाई का नामोनिशान नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रसूता
वार्ड में गंदगी से नवजात में संक्रमण फैल सकता है। वार्ड में बुधवार की
रात 12 बजे से भर्ती फतेहपुर गुदरी अड्डा निवासी रूबी ने बताया कि शाम के 4
बज गए हैं, लेकिन अभी तक कोई भी चिकित्सक उसे देखने नहीं आया है।
इतना
सुनते ही उन्होंने संबंधित महिला चिकित्सक को फोन लगाकर उनसे भर्ती महिला
को अभी तक उपचार मुहैया न कराने का कारण पूछा। इस पर बताया गया कि उन्हें
ऐसे किसी भी मरीज के भर्ती होने की जानकारी नहीं है। अस्पताल की नई
बिल्डिंग के वार्ड में सिर्फ एक वृद्ध महिला भर्ती मिली।
इसके
अलावा सभी बेड खाली थे। उन पर चादर भी नहीं थी। ड्यूटी पर तैनात डॉ. पंकज
और मौके पर पहुंचे डॉ. अरुण तिवारी को मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बरतने
के निर्देश दिए।
आयोग सदस्य मनीषा त्रिवेदी ने सभी स्थितियाें से
डीएम को वाकिफ कराकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने बताया कि लखनऊ
पहुंचने पर मुख्यमंत्री को सीधे रिपोर्ट सौंप कर आवश्यक कार्रवाई अमल में
लाई जाएगी।