उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य ने
अजीतमल क्षेत्र के लोहिया ग्राम सिकरौड़ी और हनुमानगढ़ी का औचक निरीक्षण
किया। उन्हें हनुमानगढ़ी प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में खामियां मिलीं।
बच्चों के हिस्से का मिड-डे मील शिक्षकों के लिए बनता मिला।
लोहिया ग्राम सिकरौड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र से बच्चे नदारद थे। इतना ही
नहीं अभिलेख भी गायब थे। यह देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने सीडीपीओ को
केंद्र में तैनात मुख्य सेविका और कार्यकत्री को बर्खास्त करने के निर्देश
दिए।
औचक निरीक्षण में लोहिया ग्राम सिकरौड़ी पहुंची उत्तर प्रदेश
बाल अधिकारी संरक्षण आयोग की सदस्या मनीषा त्रिवेदी ने प्राथमिक विद्यालय
का निरीक्षण किया। कक्षा 3 से 5 तक के सभी बच्चे एक ही कक्ष में पढ़ते
मिले। कक्षा 5 के बच्चे से महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री के बारे पूछा तो
वह कुछ भी न बता सके।
यहां तक की बच्चे विद्यालय में लगी
राष्ट्रभक्तों की फोटो भी न पहचान सके। पढ़ाई की स्थिति पूरी तरह से शून्य
मिली। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी ग्राम के प्राथमिक और जूनियर
विद्यालयों का निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय में मौके पर चार टीचर और
चार बच्चे मिले।
मिड-डे मील के खाने में चार बच्चों के सापेक्ष 40
रोटियां देख प्रधानाध्यापक दीपक दुबे से जब पूछा तो जवाब सुनकर भौचक्की रह
गईं। प्रधानाध्यापक ने तपाक से जवाब दिया कि ये रोटियां बच्चों के लिए
नहीं, बल्कि टीचरों के लिए बनी हैं। विद्यालय में पढ़ाई का स्तर शून्य
मिला।
आयोग की सदस्य मनीषा त्रिवेदी ने बताया कि उक्त सभी
स्थितियों को संज्ञान में लिया गया है। लखनऊ पहुंचने के बाद सभी पर सख्त
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।