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चाहे जितना लगाओ दम, नहीं सुधरेंगे हम

Thu, 02 Apr 2015 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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दर्द कहां है, एक जगह हो तो बताऊं, गालिब का यह शेर विपरीत परिस्थितियों में आने वाले रोगियों पर एकदम सटीक बैठ रहा है। गिरते-पड़ते, हांफते-कराहते आने वाले रोगी जिला अस्पताल की व्यवस्था से आहत है।
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हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर मंगलवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी सीएमएस संग चिकित्सकों की फौज गैरहाजिर रही। दो चिकित्सकों पर आधारित रही ओपीडी में आए 320 मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा।
मौसम परिवर्तन के चलते इन दिनों जिला अस्पताल में रोगियों का आंकड़ा 500 पार कर रहा है।

मरीजों की एकाएक बढ़ती संख्या के बाद भी जिला अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं किया गया है। चिकित्सकों की लेट लतीफी रोगियों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी दो डाक्टरों के हवाले रही। डाक्टरों ने सुबह 11.50 बजे तक 350 रोगी पर्चों की तुलना में 65 रोगियों का ही परीक्षण कर सके थे।
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दो अन्य चिकित्सक पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों के चिकित्सकीय परीक्षण ड्यूटी पर चले जाने तथा एक चिकित्सक की नाइट ड्यूटी और डे ऑफ होने और एक चिकित्सक के अवकाश पर तो चार चिकित्सक बिना कारण बताए गैरहाजिर होने से ओपीडी पूरी तरह से चरमरा गई।

पैथोलाजी में ताला व सीएमएस की अनुपस्थिति से जिला अस्पताल खुद बीमार दिखा। नतीजा दवा काउंटर रोगी ही रोगी नजर आए तो रोगी चिकित्सकों के इंतजार मेें ओपीडी गेट पर इंतजार करते देखे गए।


12 बजते ही पूरी हुई ड्यूटी- औरैया। जिला अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक को इतनी जल्दी थी कि उन्होंने ओपीडी का समय समाप्त होने का इंतजार तक नहीं किया। महिला चिकित्सक डा. सीमा अग्रवाल दोपहर के 12 बजते ही अपनी ड्यूटी छोड़ केबिन से उठ गईं।
जिला अस्पताल के ओपीडी टाइम पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सकों को सर्कुलर जारी किया जा रहा है। बाद इसके चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- डा. नवीन चंद्र,  सीएमएस
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