शहर में आंधी आने के बाद से खस्ताहाल बिजली व्यवस्था के कारण दो दिनों से पेयजलापूर्ति भी बदहाल है। बिजली के अभाव में नगर पालिका की पानी की टंकियां न भर पाने से शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। वीआईपी कहे जाने वाले डीएम फीडर भी शुक्रवार सुबह दगा दे गया। इससे नगर पालिका परिसर स्थित ट्यूबवेल बंद रहने से खासी दिक्कत खड़ी हो गई। बनारसीदास में एक माह से हैंडपंप के खराब रहने और बिजली आपूर्ति गड़बड़ाने से पेयजल का गंभीर संकट बना है। इससे लोगों में खासा आक्रोश है।
चक्रवाती हवाओं के प्रकोप से चल रही आंधी से जिले की बिजली व्यवस्था चौपट कर रखी है। इससे पेयजल संकट खड़ा हो गया है। शहर में दो दिनों से अघोषित बिजली कटौती से पेयजल को लेकर मारा-मारी बनी है। औरैया नंबर दो कखावतू बिजली केंद्र से जुड़े 33 हजार केवीए लाइन के खंभे गिर जाने से इससे जुड़े मोहल्ला बनारसी दास, पढ़ीन दरबाजा नई बस्ती, मदार दरबाजा, पक्का तालाब आदि में पानी का खासा संकट है।
मोहल्ले में लगा एक मात्र हैंडपंप भी पिछले एक माह से खराब है। शिकायत के बाद भी आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे मोहल्ले के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में नगर पालिका कर्मचारी रामआसरे ने बताया कि नगर पालिका परिसर में लगे दो ट्यूबवेलों का कनेक्शन वीआईपी लाइन से है। सुबह चार बजे आपूर्ति बंद हो जाने से समस्या खड़ी हो गई। वहीं कखावतू बिजली केंद्र के खंभे गिरने से तीन दिन से आपूर्ति ठप है।
इससे इस केंद्र से जुड़े पढ़ीन दरबाजा, फफूंद चुंगी, मुंसिफी व गोविंद नगर के ट्यूबवेल भी बंद रहे। फिलहाल पेयजल मुहैया कराए जाने को पालिका लगातार प्रयासरत है। समस्या का समाधान किया जा रहा है। वहीं तीन दिनों से पानी का संकट झेल रहे पढ़ीन दरबाजा निवासी राजू सक्सेना, आचार्य मनोज अवस्थी, राजेंद्र अग्रवाल, कन्हैया लाल, सर्वेश दिवाकर, शैलेंद्र, राम प्रकाश, वीरेंद्र आदि लोगों ने पालिका प्रशासन के प्रति आक्रोश जताते हुए जल्द से जल्द हैंडपंप को ठीक कराए जाने की मांग की।
इन मोहल्लों में रहा पेयजल संकट
गोविंद नगर, नरायनपुर, विधिचंद्र, पढ़ीन दरबाजा, रूहाई, ठठराई, बैहन टोला, दिल्ली दरबाजा, बनारसीदास, गुमटी, निझाई मंदिर, फफूंद चुंगी, मुंसिफी।