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24 घंटे नहीं बाद भी नहीं रोका गया रामगंगा का पानी कई गांव जलमग्न

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बिधूना (औरैया)। तहसील क्षेत्र के गपचरियापुर गांव के पास सोमवार को रामगंगा नहर की खांदी कटने के 24 घंटे बाद भी प्रशासन ने समस्या की अनदेखी की। खांदी बंद न होने से गपचरियापुर समेत पड़ोस के पांच गांवों में पानी घुस गया। फसलें तो पहले ही डूब गईं थीं, किसानों की गृहस्थी भी बर्बाद हो गई। उन्होंने दहशत में पूरी रात जागकर गुजारी और सुबह खुद खांदी बांधने का बीड़ा उठाया। किसी तरह बहाव रोक दिया।
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गपचरियापुर के पास रामगंगा नहर की खांदी सोमवार सुबह कट गई थी। इसके कारण गपचारियारपुर, सबहद, कटरा, बट्टा, कुआ पुर्वा मुग्गपुर के किसानों के हजारों बीघा खेत डूब गए।
डीएम ने जिम्मेदारों को तत्काल खांदी बंद करने के निर्देश दिए थे लेकिन शायद उन्हें किसानों की मेहनत डूबने से कोई फर्क ही नहीं पड़ता। नतीजा ये रहा कि पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ने लगा। कई किसानों ने पशु लेकर गांव के बाहर निकलने की कोशिश की। लेकिन पानी घुसने से उन्हें घर की चिंता भी सताने लगी। मंगलवार दोपहर तक जब कोई अधिकारी खांदी बंद कराने नहीं पहुंचा तो ग्रामीण एकजुट हुए। बल्लियां और खाली बोरों में मिट्टी भरकर जैसे-तैसे पानी रोका। इसके बाद अफसर खानापूरी करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
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गांव की मुख्य सड़क बही
पानी का बहाव इतना तेज था कि 24 घंटे में गपचरियापुर गांव की मुख्य सड़क कटकर बह गई। सड़क कटने के बाद तेजी से पानी गांव की ओर गया। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। लोगों ने जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। नहर की खंदी कटने के बाद जहां गपचरियापुर पूरी तरह से डूब गया। वहीं पड़ोसी गांव बट्टा में भी पानी पहुंच गया। यहां के खेत पूरी तरह डूब गए। गांव के काफी हिस्से में पानी भर गया। गांव के लोगों ने बताया कि पानी भरने से लकड़ी, कंडा, चारा बर्बाद हो गया।
किसानों ने बताई पीड़ा
गपचारियापुर के पूर्व प्रधान राजीव कुमार, कुलदीप कुमार राम कुमार, वेदराम ने बताया कि खांदी कटने की सूचना 24 घंटे पहले अधिकारियों को दे दी गई थी। लेकिन किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे गपचरियापुर के साथ सबहद, कटरा, बटटा, कुआ पुर्वा, मुग्गपुर के किसानों की धान व मूंगफली की फसल बर्बाद होने के साथ ही कई घरों में काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
देर से पहुंचे अफसरों को देखकर भड़के
रामगंगा नहर की खांदी कटने की जानकारी पर मंगलवार दोपहर बाद नहर विभाग औरैया, कानपुर देहात के अधिशासी अभियंता ओपी मौर्या, सहायक अभियंता वीरेंद्र सिंह, जूनियर इंजीनियर रमाकांत गपचारियापुर पहुंचे। अफसरों को देखकर पहले ग्रामीण भड़के। बाद में अफसरों ने देर से जानकारी मिलने की बात कहकर मदद का भरोसा दिया। तब तक ग्रामीण खांदी बंद कर चुके थे।
किसानों के खिलाफ दे दी तहरीर
रामगंगा नहर में कटी खांदी के मामले में मंगलवार देर शाम बिधूना थाने में अवर अभियंता सिंचाई खंड कानपुर देहात ने अज्ञात किसानों के खिलाफ खांदी काटने की तहरीर दी है। इसमें बताया कि इलाहाबाद शाखा की दांयी पटरी को काट दिया गया। जिससे जल बर्बाद हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू की है।
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