बिजली बिलों में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच पूरी होने के करीब एक माह पूरा बाद भी चीफ इंजीनियर को जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। जांच प्रभारी उन्हें रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन देकर टरका रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों की कार्यशैली ने उन्हें कटघरे में ला खड़ा किया है। उधर चीफ इंजीनियर की ओर से भी मामले में रुचि नहीं ली जा रही है।
करोड़ों रुपये के बिजली बिल घोटाले में जांच अधिकारियों की संवेदनहीनता उपभोक्ताओं के गले नहीं उतर रही है। घटना को लेकर संजीदगी दिखाने वाले जांच अधिकारी/अधीक्षण अभियंता ओएन दीक्षित की ओर से लगभग एक माह पूर्व बिल घोटाले की जांच पूरी कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई थी।
समय बीत जाने के बाद भी अभी तक जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों की टेबिल पर नहीं पहुंच सकी है। इससे भी अहम बात यह है कि पूरे घोटाले में दो अक्तूबर राष्ट्रीय पर्व के दिन बड़ी हेराफेरी हुई थी। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
लोगों में यह चर्चा का विषय बना है कि एक ओर जांच अधिकारी इसे बहुत बड़ा घोटाले बता रहे थे और अब उसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट समय से उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंचाना संदिग्ध लग रहा है। वहीं इस घटना पर जांच बिठाने वाले तत्कालीन चीफ इंजीनियर धनीराम मौर्य के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद उनके स्थान पर आए चीफ इंजीनियर हरिश्चंद्र गुप्ता मामले में खास रुचि नहीं ले रहे हैं।
शनिवार को जांच रिपोर्ट सौंप दूंगा। अभी तैयार कर रहा हूं। बहुत से काम हैं, केवल एक ही काम नहीं है मेरे पास। टीम में शामिल सभी अधिकारियों को बुलाना पड़ेगा। उनके हस्ताक्षर के बाद ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
ओएन दीक्षित, जांच टीम प्रभारी/अधीक्षण अभियंता
अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच अधिकारी से बात कर शनिवार तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।
हरिश्चंद्र गुप्ता, चीफ इंजीनियर
जून 2014 से होगी बिल घोटाले की जांच
औरैया। एक्सईएन पंकज शर्मा ने बताया कि अभी केवल एक माह की जांच कराई गई थी। इसमें घरेलू बिलों में लगभग तीन करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है। अब इस कार्रवाई को और पहले से लगभग ऑनलाइन बिलिंग सेवा शुरू होने के बाद से कराई जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। फिलहाल घोटाले में शामिल किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।