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Auraiya News: विज्ञान प्रदर्शनी में ग्रामीणों ने दिखाए नवाचार

Thu, 09 Oct 2025 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-09 एयूआरपी 14 ग्रामीणों के विभिन्न स्टाॅलों का निरीक्षण करते डीआईओएस। संवाद
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दिबियापुर। जिला विज्ञान क्लब की ओर से गुरुवार को आयोजित जनपद स्तरीय प्रदर्शनी में नव प्रवर्तकों ने नवाचार मॉडल सजाए। प्रदर्शनी में जिले से आए विभिन्न नव प्रवर्तकों के सजाए गए स्टॉलों का अतिथियों ने अवलोकन कर उसे सराहा। बाद में डीआईओएस ने चयनित नवप्रवर्तकों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। ।
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रामरतन गुप्त बालिका इंटर काॅलेज में आयोजित नवप्रवर्तन प्रदर्शनी का शुभारंभ वीजीएम प्राचार्य डॉ. इकरार अहमद व सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रबंधक जीएन अग्रवाल ने किया। इसके बाद प्राचार्य ने उपस्थित लोगों को पराली न जलाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को स्वयं को जान लेना व अपनी प्रतिभा को पहचानना ही सबसे बड़ा गुण है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आईपी सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से होने वाले नव प्रवर्तन के प्रचार से पूरे देश को लाभ पहुंचता है। जिला विज्ञान क्लब समन्वयक मोहित सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम असंगठित क्षेत्र में नवाचारी कार्य व जुगाड़ करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए है।

प्रदर्शनी में पहुंचे नवप्रवर्तक ग्रामीण व किसानों ने विभिन्न वनस्पतियों से अलग -अलग रोगों की औषधि, घरेलू उत्पाद, खेती, राज मिस्त्री व शिल्पकारी आदि क्षेत्र के विभिन्न उत्पादों व उपकरणों का प्रदर्शन किया। रेशम विकास अधिकारी राजेश सिंह ने किसानों को कीट पालन व उद्योग की जानकारी दी। विद्यालय के डायरेक्टर शिवनाथ गुप्ता, प्रवक्ता हर्षवर्धन अग्रवाल, पॉलिटेक्निक प्रवक्ता अविनाश व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त विज्ञान शिक्षक मनीष कुमार ने ग्रामीणों व बच्चों को तकनीकी शिक्षा, विज्ञान व उद्योग के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान मनीष कुमार, प्रवक्ता रामेंद्र सिंह कुशवाहा, प्रहलाद कुमार, ज्ञान प्रकाश, प्रीति त्रिपाठी, सुमित नारायण, कमलकांत पाल, विकास सक्सेना व मुहीत सिद्दीकी मौजूद रहे।
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स्टाॅलों का निरीक्षण कर पुरस्कार बांटे
नवप्रवर्तन प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार बिधूना के निवादा निवासी किसान हरिश चंद्र को मिला। हरिश्चंद ने आधुनिक निराई गुड़ाई यंत्र तैयार किया था, उसे आठ हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार में पांच हजार की धनराशि भीखेपुर के इंद्रजीत को बीज बुआई यंत्र को लेकर मिली। तृतीय पुरस्कार में तीन हजार की धनराशि भीखेपुर के दीपू को दीवार बनाने का फरमा बनाने को मिली। इसके अलावा आत्माराम को औषधि, मूलचंद को पिलर भरने का यंत्र, संतोष कुमार को खड़ी खुरपी, चारु को मिक्सिंग मशीन व मूर्तिकला में पवन को सांत्वना पुरस्कार में प्रत्येक को दो हजार की धनराशि दी गई।

फोटो-09 एयूआरपी 14 ग्रामीणों के विभिन्न स्टाॅलों का निरीक्षण करते डीआईओएस। संवाद

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